मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जो उद्यमी 100 हिमाचलियों को रोजगार उपलब्ध करवाएंगे, उन्हें सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जो उद्यमी 100 हिमाचलियों को रोजगार उपलब्ध करवाएंगे, उन्हें सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। उद्योगपतियों को अनेक रियायतें और प्रोत्साहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने हिमाचल निवेश ब्यूरो स्थापित करना प्रस्तावित है, जो बहु विभागीय ब्यूरो होगा। इससे तीव्र एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित होगी।
इस ब्यूरो में विभिन्न विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल से कार्य करेंगे। नए उद्यमियों को प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए केवल स्वयं स्थापित दस्तावेज ऑनलाइन या स्वयं जमा करवाने होंगे। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को दस्तावेज जमा होने के 15 दिनों के भीतर अस्थायी पंजीकरण करने होंगे।
मंगलवार को उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उद्योग भवन में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश के लिए प्रेरित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से मुंबई, बंगलूरू, अहमदाबाद और नई दिल्ली में उद्यमियों के साथ बैठकों और परिसंवाद किया गया।
बैठकों में प्रदेश को 6031.37 करोड़ रुपये के 117 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3300.16 करोड़ रुपये की 79 परियोजनाओं को राज्यस्तरीय एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की ओर से मंजूरी दी है, जिनमें 9093 लोगों को रोजगार प्रदान करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी अधिकारियों को उद्यमियों के साथ अधिकतम तालमेल तय बनाकर राज्य में निवेश के लिए प्रेरित करना चाहिए।
राज्य में तीन स्टेट ऑफ आर्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिला उद्योग निगम (डीआईसी) के महाप्रबंधकों को उद्यमियों के साथ नियमित बैठकें करनी चाहिए, क्योंकि उन पर प्रदेश में निवेश के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की जिम्मेवारी है और उन्हें इस कार्य को लगन से करना चाहिए। उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को पारदर्शिता सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए और कहा कि खनन स्थलों की नीलामी करते समय पारदर्शिता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग की सभी क्रियाशील पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इस अवसर पर उद्योग विभाग के अराजपत्रित कर्मचारी संघ के प्रधान शांति स्वरूप शर्मा ने सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर मंत्री के समक्ष मांग पत्र प्रस्तुत किया। प्रधान सचिव उद्योग आरडी धीमान ने विभाग की ओर से निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए गए विभिन्न पगों के बारे में जानकारी दी।