सालाना दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को वोकेशनल डिग्री करने पर प्रति माह एक हजार रुपये का कौशल विकास भत्ता मिलेगा। आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा देने और नौकरी प्राप्त करने का मौका देने के लिए हिमाचल सरकार ने यह योजना शुरू की है।
तीन साल की इस डिग्री के तहत पात्र विद्यार्थियों को प्रति माह एक हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने इसकी पुष्टि की है। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के दस कालेजों में रिटेल मैनेजमेंट और हास्पिटेलिटी एंड टूरिज्म विषय में वोकेशनल डिग्री शुरू करने का फैसला लिया है।
बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी, एक्सीलेंस कॉलेज संजौली, रामपुर, नाहन और ऊना कॉलेज में वोकेशनल डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। 3 से 14 अक्तूबर तक इन दोनों विषय की एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी।
छात्राओं के लिए कम फीस, यहां मिलेगी पूरी जानकारी
15 अक्तूबर से कालेजों में शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। प्रदेश विश्वविद्यालय ने वोकेशनल डिग्री की प्रवेश प्रक्रिया के शेडयूल के साथ ही कोर्स का सिलेबस और फीस स्ट्रक्चर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक छात्रों को औसतन 4234 और छात्राओं को 3234 रुपये तक की फीस चुकानी होगी। इसमें छात्र को प्रवेश फीस के रूप में 50 रुपये, यूनिवर्सिटी चार्जेज के रूप में 226 के अलावा छात्र से स्किल कंपोनेंट के रूप में करीब 2680 रुपये की फीस देनी होगी।
इसमें छात्राओं से करीब एक हजार कम फीस रहेगी, जिसमें ट्यूशन फीस नहीं होगी। एक विषय में अधिकतम 40 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। एक साल में दो सेमेस्टर होंगे। तीन साल की डिग्री में छह सेमेस्टर होंगे। अगर कोई एक साल की पढ़ाई ही करता है तो उसे डिप्लोमा दिया जाएगा। दो साल की पढ़ाई करने वालों को एडवांस डिप्लोमा और तीन साल की पढ़ाई करने वालों को डिग्री दी जाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाएं देने को पात्र होगी डिग्री
बी वॉक करने वाले स्टूडेंट्स भी बीए, बीएससी और बीकॉम करने वालों की तरह प्रतियोगी परीक्षाएं देने के लिए पात्र होंगे। बी वॉक करने वाले स्टूडेंट्स भी केंद्र, राज्य पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सेलेक्शन कमीशन सहित इस तरह की अन्य संस्थाओं द्वारा ली जाने वाले परीक्षाएं दे सकेंगे।
कौशल विकास में मिलेगी मदद
वर्तमान शिक्षा प्रणाली से बेरोजगारों की भारी फौज ही तैयार हो रही है। इसमें जीवन यापन तथा जीवनोपयोगी मूलभूत और आधारभूत सुविधाएं ग्रहण करने की भी गुंजाइश नहीं है। ऐसे में सरकार ने प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए रोजगार प्राप्त करने में आसानी देने वाली डिग्री शुरू करने की पहल की है। वोकेशनल डिग्री के तहत छात्रों का कौशल विकास होगा।