हिमाचल सरकार ने एसपीओ के वेतन में इजाफा करने के साथ साथ का विभिन्न महकमों में खाली पड़े 221 पदों को भरने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली चल रहे 184 पदों पर भर्ती करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
अब विभागीय स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद खाली पड़े पदों को भर दिया जाएगा। बैठक में कांगड़ा जिले के नगरोटा-बगवां स्थित राजीव गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में विभिन्न श्रेणियों के 24 पद सृजित करने एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
आईजीएमसी, अभियोजन में भरे जाएंगे पद
मंत्रिमंडल ने अभियोजन विभाग में अनुबंध के आधार पर सहायक जिला न्यायवादी के 20 पद तथा हिमाचल अधीनस्थ न्यायपालिका में सिविल जज के तीन पद को भरने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज शिमला के नेफरोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर प्रत्येक का एक-एक पद हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से भरने का निर्णय लिया है।
शिमला ज़िला के चोहारा खंड की ग्राम पंचायत शिलादेश में पशु चिकित्सालय खोलने तथा अनुबंध आधार पर दो पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने गृह रक्षक एवं नागरिक रक्षा विभाग में हवलदार इंस्ट्रक्टर, क्वाटर मास्टर हवलदार के 10 पद भरने का निर्णय लिया।
आईटी के भरे जाएंगे 50 पद
बैठक में कोष, लेखा एवं लॉटरी विभाग में अनुबंध के आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 50 पद भरने का फैसला लिया गया।
इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया है कि हिमाचल प्रदेश वन निगम में स्वीकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से लगभग 100 कुशल एवं अर्द्ध कुशल लोगों को अनुबंध आधार पर संलग्न किया जाएगा।
इसके साथ ही कैबिनेट ने नगर निगम शिमला में पूर्व तिथि से मेट/श्रमिकों के पदों को स्तरोन्नत कर सुपरवाइजरों के 13 पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की है।
एसपीओ का बढ़ाया वेतन
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिला चंबा तथा लाहौल स्पीति जिला के दूर-दराज क्षेत्रों में सेवारत 518 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) को एक हजार रुपये का अतिरिक्त मानदेय देने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने इसी वर्ष फरवरी माह में चंबा जिला के सलूणी दौरे के दौरान इस संबंध में घोषणा की थी। उसी घोषणा का अनुपालन में यह फैसला लिया गया।
ये एसपीओ पुलिस बल की तरह ही हिमाचल सीमा पर निगरानी कर रहे हैं।