फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल के इन क्षेत्रों को पर्यटन और साहसिक खेलों के लिए विकसित करेगी सरकार

Thu, 04 Jul 2019 10:39 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

सरकार मंडी के जंजैहली क्षेत्र को ईको पर्यटन की दृष्टि से और कांगड़ा के बीड़ बिलिंग को पैराग्लाइडिंग और साहसिक खेलों के गंतव्य के रूप में विकसित करेगी। पौंग बांध को जल क्रीड़ा गंतव्य और शिमला के चांशल क्षेत्र को शीतकालीन खेलों तथा स्कीइंग के पसंदीदा गंतव्य के रूप में तैयार किया जाएगा।

विज्ञापन


गुरुवार को पर्यटन विभाग की नई राहें नई मंजिलें योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला, कुल्लू-मनाली और धर्मशाला जैसे पर्यटक स्थलों पर दबाव कम करने की दृष्टि से सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय कुमार, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन्य जीव सविता, निदेशक पर्यटन युनूस, मुख्यमंत्री से प्रधान निजी सचिव विनय सिंह सहित कई अन्य मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

जंजैहली में 50 करोड़ से बनेंगे रिजार्ट

जयराम ठाकुर ने कहा कि जंजैहली में नामी होटल चेन क्लब महेंद्रा ने 50 करोड़ का निवेश कर एक रिजार्ट विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है। क्षेत्र में 25 करोड़ से ईको पर्यटन संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें कैंपिंग स्थल, ट्रेकिंग मार्ग, नए स्थलों, मौजूदा वन विश्राम गृहों का स्तरोन्नयन व नवीकरण तथा पर्यटकों के लिए लॉग हट्स का निर्माण शामिल हैं।

देवीधार, पंजैन और बीजाही में कैंपिंग स्थलों को विकसित किया जाएगा। बांदल में प्रस्तावित बगलामुखी नेचर पार्क में एक इंटरप्रेटेशन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मंडी से मनाली मार्ग पर पंडोह के निकट लॉग हट्स बनाई जाएंगी। 

पौंग बांध साइट पर बनेंगे वर्ड व्यू प्वाइंट
कांगड़ा में स्थित पौंग बांध साइट में नेचर ट्रेल और वर्ड व्यू प्वाइंट्स का निर्माण किया जाएगा। दो अतिरिक्त नाव उपलब्ध करवाई जाएंगी। 15 लॉग हट्स बनाए जाएंगे। बीड़ बिलिंग में आठ करोड़ से पैराग्लाइडिंग केंद्र का विकास किया जाएगा। क्षेत्र में लगभग 10 ट्रैकिंग मार्गों को विकसित करने के लिए 4.20 करोड़ व्यय किए जाएंगे। शिमला के चांशल क्षेत्र को शीतकालीन खेलों के गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें