शिक्षकों को राज्यस्तरीय पुरस्कार देने की चयन प्रक्रिया को राज्य सरकार बदलेगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भविष्य में पुरस्कारों के चयन का दायरा व्यापक किया जाएगा। शनिवार को हुए राज्यस्तरीय कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा पुरस्कार देने के मामले में कोई राजनीति नहीं हुई है।
विभागीय स्तर पर शिक्षकों का चयन किया जाता है। शिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं, उसी आधार पर उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन होता है। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सम्मानित अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि अध्यापक समाज के स्तंभ हैं।
अध्यापकों को जिम्मेवारियों को सही प्रकार निभाना चाहिए। कठिन परिश्रम की बदौलत इन अध्यापकों को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। युवाओं को शिक्षित करने का ध्येय वाणिज्यिक नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।
यदि दूरदराज क्षेत्रों में पांच से कम बच्चे भी हों तो भी सरकार ऐसे क्षेत्रों में प्राथमिक पाठशालाएं खोलेगी। राज्यस्तरीय पुरस्कार-2015 मंडी जिले से पांच शिक्षकों, सिरमौर से एक, सोलन से तीन, शिमला से चार, हमीरपुर से दो और ऊना से एक शिक्षक को मिला है। जबकि, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति, बिलासपुर जिले से कोई भी शिक्षक शामिल नहीं है।