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अध्यक्षों को नीली बत्ती, भवनमालिकों को मिला मालिकाना हक

Wed, 17 Feb 2016 10:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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मंत्रिमंडल की बैठक में शिमला शहर के उन भवन मालिकों को मालिकाना हक देने की मंजूरी दे दी है जो ब्रिटिश काल से इन जगहों पर रह रहे हैं। फैसले में कृष्णानगर, लक्कड़ बाजार, बालूगंज और छोटा शिमला के भवन मालिकों को ही सरकार की ओर से राहत दी गई है।
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जिस जगह पर यह मकान और दुकानें बनी हुई है वह जमीन सरकार के नाम पर हैं। दस्तावेजों में असली मालिक अभी भी राज्य सरकार ही है। इस स्थिति में इन घरों में रहने वाले और दुकान चलाने वाले अपनी इच्छा से वह न तो इन मकानों तथा दुकानों को तोड़ सकते हैं और न ही इसकी मरम्मत करवा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार की स्वीकृति लेना जरूरी था।

उधर, इस बारे में नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने कहा कि इससे कितने लोगों को राहत मिली है इस बारे में वह बुधवार को ही बता पाएंगे। फिलहाल, इस मामले में उनके पास अब तक कोई जानकारी नहीं है।
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इन्हें नीली बत्तियां लगाने की मंजूरी
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रदेश के चारों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों समेत निगमों-बोर्डों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को गाड़ियों में नीली बत्तियां लगाने को मंजूरी दे दी है। अब विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष भी नीली बत्ती लगा सकेंगे। ये फैसला मंगलवार को हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है।

चार विश्वविद्यालयों में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, डा. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलपतियों को नीली बत्ती लगाने को स्वीकृति दी गई है। निगमों और बोर्डों में राज्य सरकार ने कई पूर्व विधायकों को अध्यक्षों या उपाध्यक्षों के पदों पर नियुक्ति दे रखी है।

कई अन्य कांग्रेस नेताओं की भी इन पदों पर तैनाती की गई है। इनमें कई अध्यक्ष और उपाध्यक्ष लंबे समय से बत्तियां मांग रहे थे। मंगलवार को इस पर निर्णय हो गया। मुख्य आयकर आयुक्त, पोस्ट मास्टर जनरल सहित कई अन्य श्रेणियों को भी इसकी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। टीसीपी संशोधन विधेयक का एजेंडा कैबिनेट में नहीं जा सका। बताया जा रहा है कि ये अब आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा।
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