हालांकि, बुधवार को भूख हड़ताल के दौरान सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने जूनियर को पढ़ाया। इससे पहले सरकार ने बीते माह इस स्कूल के लिए छह शिक्षकों के तबादले किए, लेकिन इनमें से सिर्फ एक शिक्षक ने ही अभी तक पद संभाला है।
शेष पांच शिक्षकों ने स्कूल में ज्वाइनिंग नहीं दी है। शिक्षकों के तबादले करने के बाद भी स्कूल में पद ग्रहण नहीं करने से विद्यार्थियों में रोष और अधिक बढ़ गया है। सरकार की कार्यप्रणाली पर भी इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किरकिरी से बचने के लिए सरकार ने बुधवार को और पांच शिक्षकों को बघेईगढ़ स्कूल में भेजने के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कला अध्यापक दलीप कुमार को शिंड मिडल स्कूल से और टीजीटी मेडिकल टेक चंद को कलेहल स्कूल से बघेईगढ़ स्थानांतरित किया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने साथ लगते स्कूलों से हिंदी, अंग्रेजी और इतिहास विषय के तीन शिक्षकों को स्थायी अध्यापकों के आने तक बघेईगढ़ स्कूल में प्रतिनियुक्ति के तहत नियुक्त किया है। ये तीनों शिक्षक वीरवार सुबह स्कूल में पद संभालेंगे।