कहा कि प्रदेश की गायों की संख्या को स्तरोन्नत करने के लिए पालमपुर स्थित वीर्य केंद्र के लिए कुछ समय में बैलों की आपूर्ति भी की जाएगी। वीरेंद्र कंवर ने पशुचारे की कमी की समस्या से निपटने के लिए चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति को संयोजित आहार खंड बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय भेड़ प्रजनन फार्मों में अंत प्रजनन की समस्या से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड की ओर से 40 मेढ़े और प्रदेश के लिए रैनबोयलेट व मरीनों नस्ल की 200 भेड़ें आयात की जाएंगी।