हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने रविवार को एलान किया है कि वह आने वाली 27 मई को विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। जीएसटी को मंजूरी देने के लिए सरकार ने 27 मई से दो दिवसीय सत्र आहूत करने का निर्णय लिया है।
संघ की रविवार को हुई बैठक में प्रस्ताव पारित किया कि विधानसभा सत्र के पहले दिन अपनी मांगों के पक्ष में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में रविवार को राष्ट्रीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक यह निर्णय लिया गया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संघ लंबे समय से सरकार और विभाग को शिक्षकों और शिक्षा के हित में मांगें करता रहा है। उनके समाधान के लिए 15 मई तक अल्टीमेटम भी दे चुका है। अब तक सरकार ने संघ की मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया है।
कहा कि ऐसे में सरकार को नींद से जगाने के लिए आंदोलन का ही रास्ता अपनाना जरूरी हो गया है। कहा कि इस प्रदर्शन के बाद भी सरकार न जागी तो हर जिले में बारी-बारी से आंदोलन किए जाएंगे और लोगों तक सरकार की उदासीन रवैये की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
चौहान ने यह भी कहा कि उन्होंने इस बैठक में अन्य शिक्षक संगठनों को भी शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने शामिल न होकर यह साबित किया है कि वह खुद भी शिक्षकों के हितों के प्रति उदासीन हैं। बैठक में महासचिव नरेश महाजन, संरक्षक अरुण गुलेरिया, सरोज मेहता, मनोहर र्श्मा, कैलाश ठाकुर, मुकेश शर्मा, मनीष सूद, नागेश्वर पठानिया, डीपी शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।