हिमाचल के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों ने मंगलवार को विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान हजारों कर्मचारियों ने नारेबाजी की और सरकार से उन्हें नियमित करने की मांग की।
लेकिन इन सबके बीच को इन कर्मियों को नियमित करने को लेकर भले ही सरकार आश्वासन देती हो लेकिन आधिकारिक रूप से वह मौन है। विधानसभा में भाजपा विधायक जय राम ठाकुर और विनोद कुमार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति बनाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर सरकार गोलमोल जवाब देती दिखी।
नियमित करने के लिए नीति बनाने के सवाल पर सरकार ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों के संरक्षण के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि उसने यह जवाब नहीं दिया कि वह इन्हें नियमित करना चाहती है या नहीं।
यह तब है जब खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व उनके बेटे व युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह आउटसोर्स कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए प्रयासरत होने का आश्वासन दे रहे हैं। सरकार की ओर से विधानसभा में आए इस जवाब से साफ है कि सरकार ने उन्हें रेगुलर करने के संबंध में कुछ भी नहीं किया है।