शिमला के कोटखाई के चर्चित गुडि़या मामले में जिन युवकों के फोटो सीएम के फेसबुक पर वायरल हुए, उनके घरों पर सीबीआई ने छापा मारा। सीबीआई ने ये सर्च रेड हलाइला क्षेत्र में तीन युवकों के गांवों में बने घरों और शिमला स्थित ठिकानों पर की है।
ये रेड मामले में आरोपी बनाए गए आशीष चौहान के अलावा दो अन्य युवकों प्रशांत उर्फ हैपी नेगी और ईशान के घरों पर की गई है। इस छापेमारी को जांच का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। मामले में इन दोनों का रोल है या नहीं, इस पर सीबीआई सूत्रों ने अभी चुप्पी साधी हुई है।
सूत्रों की मानें तो इन युवाओं के घरों से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक उपकरणों को कब्जे में ले लिया गया है। इनमें कुछ के दांतों के नमूने भी लिए गए हैं। सीबीआई सूत्रों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।
सर्च रेड का यह सिलसिला गोपनीय तरीके से पिछले दो दिनों से चल रहा है। फेसबुक पर आधा दर्जन युवकों के फोटो वायरल हुए थे, लेकिन सीबीआई ने इस कार्रवाई को केवल तीन युवकों के घरों पर ही अंजाम दिया है।
इनमें से एक इस मामले का आरोपी आशीष चौहान है जो पहले से पुलिस हिरासत में है। दो अन्य युवकों प्रशांत उर्फ हैपी नेगी और ईशान के फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों सीबीआई ने इस मामले से जुडे़ कई लोगों से पूछताछ की। इन दोनों युवाओं को भी पूछा है।
सीबीआई गुडि़या मामले से इन युवकों का कनेक्शन खोज रही है। सीबीआई को कुछ बातों पर संदेह है। पिछले कई दिनों से इन युवाओं और इनके परिजनों के मोबाइल फोन तक सीबीआई की ऑब्जर्वेशन पर रखे बताए जा रहे थे, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है।
सीएम के आईटी एडवाइजर से पूछताछ, पुलिस अधिकारी को ले गए दिल्ली
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने मुख्यमंत्री के आईटी एडवाइजर गोकुल बुटेल से भी पूछताछ कर ली है। हालांकि, चर्चा ये भी रही कि सीबीआई ने फोन पर ही बुटेल से काफी जानकारी ले ली है। सोमवार को बुटेल ने शिमला आना था। उनके सीबीआई के सामने पूछताछ में शामिल हाजिर होने की बात तो साफ नहीं हुई। सीबीआई से फोन पर बात होने की चर्चा जरूर रही।
पुलिस के एक अधिकारी को दिल्ली ले गई सीबीआई
सूत्रों ने बताया है कि सीबीआई गुडि़या मामले और लॉकअप हत्याकांड की छानबीन के बीच एक अधिकारी को नई दिल्ली भी ले गई है। वहां भी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अधिकारी से पूछताछ की है।
लॉकअप हत्याकांड में फंसी शिमला पुलिस, संतरी को दी रिक्योरिटी
गुड़िया दुराचार और कत्ल मामले से जुडे़ लॉकअप हत्याकांड में शिमला पुलिस बुरी तरह से फंस गई है। शिमला पुलिस को कोटखाई थाने के पूर्व संतरी दिनेश शर्मा को सुरक्षा देनी पड़ी है। दिलचस्प यह है कि यह सुरक्षा शिमला पुलिस के पूर्व और कुछ मौजूदा अधिकारियों के खिलाफ दिए गए बयान के कारण मुहैया करनी पड़ी है।
सीबीआई उसे असुरक्षित मान रही है। सीबीआई ने पुलिस अधीक्षक शिमला को बाकायदा पत्र लिखकर उसे सुरक्षा देने के निर्देश दिए और सोमवार को उसकी सुरक्षा के लिए एसपी सौम्या सांबशिवन ने एक कांस्टेबल की तैनाती कर दी।
कोटखाई के दांदी जंगल में हुए गुड़िया हत्याकांड में संतरी दिनेश शर्मा का सीबीआई बयान दर्ज कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक संतरी ने बयान दिया है कि उसके सामने गुड़िया मामले के मुख्य आरोपी राजू ने दूसरे आरोपी सूरज को नहीं मारा।
संतरी ने बताई ये हैरान करने वाली कहानी
रात नौ बजे के बाद उसकी ड्यूटी शुरू हुई तो उसके बाद शुरू में बेशक दोनों आरोपी लॉकअप में इकट्ठा थे, मगर बाद मेें थाना प्रभारी सूरज को कहीं और ले गया था। उसके बाद लॉकअप के भीतर अकेला राजू ही था और वह उसी की सुरक्षा में तैनात था। सूरज को लॉकअप में वापस लाने से पहले उसकी करीब तीन घंटे की संतरी ड्यूटी ऑफ हो गई थी।
गौरतलब है कि बीती छह जुलाई को गुड़िया की लाश दांदी जंगल में मिलने के बाद शिमला पुलिस ने जिन छह आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया था, उनमें से सूरज की कोटखाई थाने में ही हत्या की गई थी।
पुलिस ने राजू को ही हत्यारा बताकर उसके खिलाफ कत्ल का केस दर्ज किया। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की तहकीकात में पुलिस की यह कहानी सही नहीं निकली है। उसकी हत्या को लेकर थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी सीबीआई के संदेह के घेरे में आ गए हैं।
परिजन बोले, घंटी बजाकर गुजारा कर लेगा, मगर झूठ नहीं बोलेगा हमारा दिनेश!
संतरी दिनेश शर्मा के एक परिजन ने सीबीआई को भावुक होकर कहा है - हमारा दिनेश झूठ नहीं बोलता। वह अपने पिता की तरह घंटी बजाकर गुजारा कर लेगा, लेकिन झूठ नहीं बोलेगा। ठियोग के बलग गांव के निवासी दिनेश शर्मा के परिवार के लोग पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का काम करके गुजारा करते हैं।
बड़ी मुश्किल से इस परिवार से अकेले दिनेश को ही सरकारी नौकरी मिली। इस परिजन ने बताया कि ये नौकरी भी जाती है तो जाती रहे। इसको कोई मोह नहीं। वह भूखा इसलिए नहीं मरेगा कि उसे पूजा-पाठ करना और घंटी बजाकर गुजारा करना आता है। वे पाप करने से पहले अपने देवी-देवताओं से डरते हैं। देवी-देवताओं में आस्था का ही बल है कि वह आग में हाथ डाल पा रहा है।