अब विवाहित महिलाओं को परिवार नियोजन के लिए कॉपर-टी नहीं लगवानी पड़ेगी। इसके लिए सरकार ने खोजा नया तरीका खोजा है। परिवार नियोजन के लिए हिमाचल में पहली बार अंतरा और छाया स्कीम का शुभारंभ हुआ है। अंतरा स्कीम में महिला को केवल एक इंजेक्शन लगेगा।
इंजेक्शन लगने के तीन महीने तक महिला गर्भवती नहीं हो सकेगी। छाया स्कीम में महिला को हफ्ते में दो बार गोली खानी होगी। इससे पहले महिलाओं को कॉपर-टी लगवानी पड़ी थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दंपतियों के लिए अंतरा और छाया स्कीम का आईजीएमसी में शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर कॉलेज प्राचार्य प्रो. अशोक शर्मा समेत गायनी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता पॉल समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
पहली मर्तबा प्रदेश के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु अस्पताल में इस स्कीम को लागू किया गया है।
इंजेक्शन और दवाइयां अस्पताल में पहुंच गई हैं। गायनी विशेषज्ञ से सलाह के बाद इसे महिला को लगाया जा सकता है। केएनएच की विभागाध्यक्ष का कहना है कि अस्पताल में इंजेक्शन और दवाइयां पहुंच गई हैं। अस्पतालों में अभी तक गर्भ निरोधक के लिए डॉक्टर कॉपर-टी की सलाह देते हैं।
क्या है अंतरा और छाया स्कीम
परिवार नियोजन को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अंतरा और छाया नाम की स्कीम लाया है। पहली बार गर्भनिरोधक के तौर पर इंजेक्शन का इस्तेमाल सरकारी अस्पताल में होगा। जब तक महिला बच्चा नहीं चाहती तब तक उसे तीन- तीन माह के अंतराल में इंजेक्शन लेना होगा। दूसरी ओर छाया स्कीम में ओरल पिल्स होगी। इस दवा को महिला को सप्ताह में दो बार खाना होगा। पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आवश्यक होगी।