हिमाचल दस दिन में खुला शौच मुक्त होगा। यह दावा प्रदेश सरकार कर रही है। सरकार ने इसके लिए खास अभियान चलाया है। इसके लिए 20 अक्तूबर का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में भारत सरकार के एक सर्वेक्षण में भी हिमाचल में 90 फीसदी से अधिक शौचालय होने का खुलासा हुआ है।
इसके अनुसार शौचालय बनाने और इनके उपयोग के मद्देनजर हिमाचल की स्थिति पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जेएंडके से बेहतर है। सरकार का वर्ष 2012 के बेसलाइन सर्वेक्षण में चिन्हित घरों में शौचालय निर्माण और इनका इस्तेमाल करवाने का अभियान 28 सितंबर से शुरू हुआ।
यह 20 अक्तूबर को पूरा होगा। इसके बाद प्रदेश सिक्किम के बाद देश का दूसरा खुला शौचमुक्त राज्य बनने का दावा करेगा। केरल भी खुद को ओपन डिफेक्शन फ्री घोषित करने के प्रयास में जुटा है। हिमाचल इससे आगे निकलकर दूसरा स्थान लेना चाह रहा है।
इसके लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। फील्ड की प्रोग्रेस को भारत सरकार के स्वच्छता मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जा रहा है। हिमाचल में वर्तमान में कुल 3226 पंचायतें हैं। आजकल इनमें वर्ष 2012 के बेसलाइन सर्वेक्षण के तहत चिन्हित तमाम परिवारों में शौचालय को बनाने और इन्हें इस्तेमाल करवाने का काम चल रहा है।
भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने हाल ही में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से सर्वे करवाया है। इसमें शौचालय बनाने और इनके इस्तेमाल में हिमाचल की स्थिति बेहतर है। 20 अक्तूबर को हिमाचल को खुला शौचमुक्त घोषित कर रहे हैं।
प्रदेश को 2012 के बेसलाइन सर्वे में चिन्हित घरों में शौचालयों के बनने और इनके इस्तेमाल में आने के बाद ही ओपन डिफेक्शन फ्री (ओडीएफ) घोषित किया जा रहा है। केरल एक नवंबर के बाद यह घोषणा करेगा। हम केरल से आगे निकलकर सिक्किम के बाद दूसरे नंबर पर ओडीएफ घोषित होंगे। कुछ हजार शौचालय ही बनाने को बचे हैं। ये दस दिन में बना दिए जाएंगे।- ओंकार शर्मा, सचिव, प्रदेश ग्रामीण विकास