परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) से वाहन जब्त करने की शक्तियां वापस लेकर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) को दे दी हैं।
बाली ने कहा कि बिना लाइसेंस, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से बस चलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों के स्थान पर अब क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का गठन किया गया है। इससे पूर्व यह समस्त कार्य संबंधित आरटीओ के अधीन थे।
आरटीओ की ओर से कम जुर्माना करने के कारण बस ऑपरेटर बार-बार नियमों का उल्लंघन करते थे। इसके चलते दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा था। प्राधिकरण के प्रभावी ढंग से कार्य करने पर बस ऑपरेटरों में अनुशासन आएगा।
इस प्राधिकरण को यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना करने का अधिकार होगा। मिनी सचिवालय धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि डिप्टी सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई यह कमेटी बिना परमिट और बिना पासिंग गाड़ी के भी चालान करेगी। इस कमेटी के निदेशक भी सदस्य होंगे। एक सप्ताह के भीतर प्राधिकरण की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
पहले क्या था और अब क्या होगा?
पहले आरटीओ बिना लाइसेंस, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तारी वाहन जब्त तो करते थे, लेकिन 500 या एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर गाड़ी को रिलीज कर देते थे। अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर आरटीए वाहन को जब्त करेगा। वहीं, वाहन छुड़ाने के लिए अब चालक को शिमला के चक्कर काटने पड़ेंगे।