प्रदेश सरकार ने सेवन सीटर इलेक्ट्रिक बसों के रूट परमिट की फाइल परिवहन महकमे को लौटा दी है। सरकार ने विभाग को नए सिरे से रूट तैयार करने को कहा है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 50 इलेक्ट्रिक बसों की खरीदा गया है, उसी समय इसके रूट भी फाइल किए गए थे।
अब भाजपा सरकार इन रूटों में बदलाव कर रही है। ये इलेक्ट्रिक बसें हिमाचल के शहरी क्षेत्रों में चलाई जानी हैं। इन बसों को खरीदे हुए करीब तीन महीने हो गए हैं, लेकिन ये बसें सड़कों पर ही खड़ी हैं। इनके सड़कों पर न चलने से परिवहन निगम को हर महीने लाखों रुपये का घाटा हो रहा है।
परिवहन निगम ने इन बसों के आने के बाद रूट परमिट तय कर दिए थे, लेकिन इसी बीच विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित हो गई। आचार संहिता लगने से यह मामला लटक गया।
हालांकि, परिवहन निगम ने इलेक्शन कमीशन को भी रूट परमिट जारी करने का आग्रह किया था, लेकिन निगम को इसकी मंजूरी नहीं दी गई। हिमाचल में भाजपा सरकार बनने के बाद निगम ने यह मामला सरकार के समक्ष उठाया, लेकिन सरकार ने रूट परमिट पर आपत्ति जताई है।
हिमाचल में सेवन सीटर इलेक्ट्रिक बसों के रूट नए सिरे से तय होंगे। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह नियमों के तहत रूटों परमिट तय करे। परिवहन निगम और विभाग मिलकर इसका प्रारूप तैयार करेंगे। इसके चलते फाइल को वापस किया गया है।
- गोविंद ठाकुर, परिवहन मंत्री