सचिवालय में लिपिकों और जूनियर असिस्टेंट की पदोन्नति का मामला रुक गया है। प्रदेश सरकार ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने की फाइल को पेंडिंग में डाल दिया है। सचिवालय कर्मचारी संगठन लंबे समय से भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन की मांग कर रहे थे।
लेकिन इस पर सरकार की सहमति नहीं बन पा रही है। सचिवालय में वरिष्ठ सहायकों की कमी खल रही है। इन पदों को वरिष्ठता के आधार पर लिपिकों और जूनियर असिस्टेंट से भरा जाता था। सचिवालय में ये लिपिक और जूनियर असिस्टेंट वरिष्ठ सहायक बनने की योग्यता नहीं रखते हैं।
नियमों के मुताबिक वरिष्ठ सहायक बनने के लिए लिपिक और जूनियर असिस्टेंट की सर्विस कम से कम 10 साल होना अनिवार्य किया है लेकिन इन कर्मचारियों को सेवाएं देते हुए अभी इतना समय नहीं हुआ है। इनकी सेवाएं 7 साल तक की है। इसके चलते सचिवालय कर्मचारी संगठन 10 साल की शर्त को हटाकर 7 साल किए जाने की मांग कर रहे थे।
सचिवालय कर्मचारी सेवा संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मामला पेडिंग में है। सचिवालय कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी इस सिलसिले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मुख्य सचिव पी मित्रा से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सचिवालय कर्मचारी संगठन की ये मुख्य मांग है चूंकि इन कर्मचारियों से वरिष्ठ सहायकों का काम लिया जा रहा है। लेकिन इन्हें पदोन्नति नहीं दी जा रही है।