हिमाचल सरकार ने उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा विभाग में साल 1996 की नीति के तहत 17 सालों से लगातार कार्यरत दैनिक भोगी अंशकालीन जलवाहकों और दिहाड़ी पर तैनात सेवादारों को नियमित कर दिया गया है।
सरकार की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने बुधवार को इन कर्मचारियों के नियमितीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। नियमितीकरण के आदेश जारी होने से प्रदेश में उच्च और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत दो हजार से अधिक कर्मियों को राहत मिलेगी।
17 साल का सेवाकाल पूरा करने वाले कर्मियों को 31 मार्च और 30 सितंबर को नियमित किया जाएगा। कर्मचारियों को नियमितीकरण के बाद अन्य जिलों में रिक्त अथवा सरप्लस पदों पर तैनाती एवं समायोजन का विकल्प भी प्रदान किया जाएगा। प्रधान सचिव शिक्षा ने शिक्षा निदेशालय को नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं।
इधर, नियमित करने की मांग पर कंप्यूटर शिक्षकों का प्रदर्शन जारी
बुधवार को कंप्यूटर शिक्षक संघ ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।
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वहीं, कंप्यूटर शिक्षकों ने सरकार से उन्हें बिना शर्त शिक्षा विभाग में समायोजित करने की मांग की है। बुधवार को कंप्यूटर शिक्षक संघ ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। शिक्षा विभाग के अफसरों पर मुख्यमंत्री को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए शिक्षकों ने विभागीय अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की।
शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के तहत कंप्यूटर शिक्षा को चलाने के लिए सरकार से सोसायटी का गठन करने की मांग की। कहा कि वर्तमान में कंप्यूटर शिक्षकों के पद पर कार्य कर रहे सभी 1458 शिक्षकों को सोसायटी के अधीन लाया जाए। इनके 16 वर्षों के अध्यापक अनुभव को देखते हुए जल्द नियमित किया जाए।
बुधवार सुबह अंबेडकर चौक चौड़ा मैदान में कंप्यूटर शिक्षक एकत्र हुए। उन्होंने अंबेडकर चौक से विधानसभा गेट तक रैली निकाली। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कई बार शिक्षकों को नीति बनाने का आश्वासन दे चुके हैं। बावजूद शिक्षा विभाग के लापरवाह अफसर कोई कार्रर्वाई नहीं कर रहे।
निजी कंपनी को भी विभाग के अफसरों ने मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना एक साल की और एक्सटेंशन दी है। शिक्षकों का शोषण करने को अफसर जिम्मेवार हैं। संघ के पदाधिकारियों बलवंत पटियाल, कपिल खिखटा, गगनदीप शर्मा, नरेश पंडित ने भी संबोधित किया। कंपनी को एक्सटेंशन देने का विरोध करते हुए 1458 कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाने की मांग की।
52वें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
कंप्यूटर शिक्षकों का क्रमिक अनशन बुधवार को 52वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को जिला सोलन के कंप्यूटर शिक्षक राजेश पटियाल, पंकज पाठक और रुप लाल क्रमिक अनशन पर बैठे।
1100 स्कूलों में ठप है कंप्यूटर की पढ़ाई
प्रदेश के 1100 स्कूलों में पहली जुलाई से कंप्यूटर शिक्षा ठप है। 1458 कंप्यूटर शिक्षक हड़ताल पर हैं। आधा शैक्षणिक सत्र बीतने के बाद भी सरकार ने स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने को प्रयास नहीं किए हैं। कंप्यूटर शिक्षा ठप होने के बावजूद बच्चों से प्रतिमाह 110 रुपये की कंप्यूटर फीस वसूली जा रही है।