हिमाचल सरकार अब ताजा सेब खरीदकर इसे स्टोर करेगी। इस साल इस पर ट्रायल हो रहा है और अगले साल से बडे़ स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी जाएगी। अभी तक बागवानों से सरकारी स्तर पर केवल दागी सेब ही खरीदा जाता रहा है, जो मार्केट में बिकने लायक नहीं होता। इसका एक न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाता है।
सरकारी क्षेत्र में ताजे सेब की खरीद होने से मार्केट स्टेबल रखने में योगदान मिलेगा। स्टोर सेब को सरकार मांग के अनुरूप देश की मार्केट में बेचेगी। यह खरीद सरकारी एजेंसी हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद, विपणन एवं विधायन निगम (एचपीएमसी) के माध्यम से की जाएगी। इस बार एचपीएमसी ने रोहडू़ के ऊंचे क्षेत्रों और किन्नौर के कुछ क्षेत्रों से रॉयल डिलिशियस सेब की ताजा किस्म खरीदनी शुरू कर दी हैं।
इसे मार्केट रेट पर खरीदा जा रहा है। खरीद के बाद कोल्ड स्टोर में रखा जा रहा है। जब सीजन खत्म होगा तो इनकी पेटियां भर से मांग आने पर बेची जाएंगी। इससे एक लाभ तो यह होगा कि बागवानों को घर बैठे सरकारी क्षेत्र का एक और ग्राहक मिलेगा।
उन्हें भुगतान भी समय पर होगा। दूसरा मार्केट की स्पर्धा में इससे रेट भी दुरुस्त रहेंगे। सरकारी एजेंसी एचपीएमसी लगभग 15 साल पहले भी इसी तरह की खरीद कर चुकी है, पर उस समय इसे घाटा उठाना पड़ा था और यह खरीद बंद करनी पड़ी थी। अब नए दमखम के साथ ताजा सेब की खरीद शुरू होगी।
एचपीएमसी के उपाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने बताया कि ताजा सेब की खरीद पर इस बार ट्रायल हो रहा है। अगले साल से मार्च महीने से ही पूरी तैयारी के साथ ताजा सेब की खरीद में उतरेंगे। खरीद के बाद सेब कोल्ड स्टोर में रखेंगे। सीजन खत्म होने पर इसे गिफ्ट पैक में बेचेंगे।