प्रदेश सरकार ने जिलों में 65 डॉक्टरों (मेडिकल ऑफिसर) की तैनाती की है। हर जिले को 5 से 7 डॉक्टर दिए गए हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा से पीजी करने के बाद इन्हें जिला के स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं देने को कहा है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर इनको स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। सरकार का मानना है कि इन डॉक्टरों की तैनाती से हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य बीके अग्रवाल ने इस बाबत अधिसूचना जारी की है।
प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के सीएचसी और पीएचसी ऐसे हैं, जहां डॉक्टर नहीं हैं। यहां मरीजों को साधारण बीमारी का उपचार कराने के लिए भी शिमला और अन्य अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। कई क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां न तो डॉक्टर हैं और न ही नर्स। फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हिमाचल का कोई भी औषधालय बिना डॉक्टर नहीं रहेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा अन्य स्टाफ भी उपलब्ध होगा जबकि औषधालय में एक डॉक्टर और नर्स की तैनाती की जाएगी।