राज्य सरकार का मानना है कि आपदा के दौरान सबसे ज्यादा जरूरत पड़ेगी तो वह प्रदेश के अस्पताल ही रहेंगे। ऐसे में अस्पताल भवनों को आपदा के दृष्टिगत सुरक्षित रखने के प्रबंध पहले ही करने होंगे।
अगर आपदा के समय संबंधित क्षेत्र का अस्पताल भवन क्षतिग्रस्त होता है तो उसके बदले कौन से नजदीकी अस्पताल की सेवाएं ली जा सकती हैं। इस दृष्टि से भी जिलों के प्रशासन को पहले तैयार रहने को कहा गया है।
इन विभागों के भवनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी
सरकार ने जिला प्रशासन से कहा है कि आपदा के दौरान संकट से उबरने के लिए राज्य में डीसी कार्यालय भवन, एसपी कार्यालय भवन, दूर संचार भवन, अग्निशमन विभाग भवन, जल भंडारण टैंक, आकाशवाणी, दूरदर्शन भवन और कोषागार भवनों को सुरक्षित बनाने को कहा है।
राजधानी में यह है भवनों की सूची
ऐसी श्रेणी के भवनों की सूची में राज्य सचिवालय भवन, राजभवन शिमला, विधानसभा भवन, दूरदर्शन, आकाशवाणी भवन, डीजीपी कार्यालय भवन, जोनल अस्पताल, बीएसएनएल, राज्य कोषागार भवन आदि शामिल हैं।
विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा कहती हैं कि आपदा के समय राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और लोगों को तुरंत राहत मिल सके, इसे देखते हुए सरकार ने ये फरमान जारी किए हैं।