प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को अप्रैल से डिजिटल राशनकार्ड पर राशन मिलेगा। इसके लिए सरकार ने पंचायत सचिवों और जिला खाद्य अधिकारियों को 29 फरवरी तक डिजिटल राशनकार्डों की वेरिफिकेशन के निर्देश दिए हैं।
डिपो होल्डर को भी ग्रामसभाओं में उपस्थित होना पड़ेगा, जिससे मौके पर ही लोगों की वेरिफिकेशन की जा सके। दस मार्च से डिजिटल राशनकार्डों का आवंटन शुरू होगा। अगर लोग समय से वेरिफिकेशन नहीं करवाते हैं तो उन्हें राशन से वंचित होना पड़ेगा।
डिपो में भी लोगों को डिजिटलाइजेशन वेरिफिकेशन की जानकारी मिलेगी। वीरवार को शिमला जिले के रोहडू, चिड़गांव, जुब्बल ब्लॉक में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने डिपो होल्डर के साथ बैठक की। लोगों से वेरिफिकेशन के लिए कहा गया।
अन्य जिलों में भी बैठकों का दौर जारी है। खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रवण हिमालयन ने कहा कि लोगों की ओर से डिपो में दिए गए फार्म को पंचायत रिकार्ड के साथ वेरिफाई किया जा रहा है। रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे।
अब राशन में नहीं हो सकेगी हेराफेरी
सूबे में साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग का मानना है कि डिजिटल राशनकार्ड बनने से उपभोक्ताओं की संख्या 15 या फिर 16 लाख रह जाएगी। दो जगह बने राशनकार्ड को आधार नंबर के साथ आसानी से पकड़ा जाएगा।
राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने कहा कि विभाग ने परिवारों की आधार कार्ड संख्या सहित विस्तृत जानकारी पर डिजिटलाइज्ड राशन कार्ड तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके सत्यापन तथा डुप्लिकेशन के उपरांत उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। लोगों के दावे और आपत्तियों के आधार पर 1 फरवरी से पहले ही डिजिटलाइजेशन शुरू कर दिया है। लोग टोल फ्री नंबर 1967 पर संपर्क करें।
खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली का कहना है कि डिजिटल राशनकार्ड की वेरिफिकेशन चल रही है। शहरों में स्थानीय निकाय या खाद्य आपूर्ति विभाग, पंचायतों में सचिव और संबंधित डिपो होल्डर को उपभोक्ताओं की वेरिफिकेशन करने को कहा है। मार्च तक कार्य पूरा किया जाना है।
30 रुपये में नाश्ता, 50 रुपये में लंच
बाली ने हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ मेले को श्रद्धालुओं के लिए बसों में विशेष पैकेज की घोषणा की है। कहा कि राज्य के क्षेत्र विशेष से 25 श्रद्धालु अथवा इनके प्रतिनिधियों का समूह संबंधित क्षेत्रीय मंडलीय प्रबंधक को पैकेज के लिए 1000 रुपये की अग्रिम अदायगी सहित लिखित आवेदन करेंगे।
कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्तं में परिवहन निगम की ओर से चिन्हित ढाबों में सस्ती दरों पर भोजन की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं को नाश्ता 30 रुपये, दोपहर का भोजन 50 रुपये में तथा चाय 10 रुपये में उपलब्ध होगा। 25 किलोमीटर के दायरे में श्रद्धालुओं को लाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक साधारण बस किराए की सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।