देश की मुख्य विपक्षी और प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस भले ही नोटबंदी को लेकर हिमाचल समेत समूचे देश में विरोध प्रदर्शन कर रही हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार नोटबंदी से व्यापारियों को बड़े नुकसान से इनकार कर रही है।
मंगलवार को सचिवालय में हुई ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की बैठक में सरकार की ओर से यह बात सामने आई है। बोर्ड की बैठक के दौरान कुछ व्यापारियों ने मांग उठाई कि नोटबंदी के चलते उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
ऐसे में राज्य सरकार टैक्स में छूट देकर उन्हें संभलने में सहयोग करे। व्यापारियों की इस मांग पर सरकार की ओर से लिखित जवाब में साफ किया गया है कि नोटबंदी से अल्पकालिक रूप से कुछ व्यापारिक क्षेत्रों को नुकसान हुआ है और कुछ समय में हालात सामान्य हो जाएंगे।
सरकार के बदले रुख से व्यापारी हैरान
सरकार ने इस दलील के साथ ही व्यापारियों को टैक्स में छूट देने की मांग को खारिज कर दिया। सरकार की ओर से मिले इस जवाब के बाद अब व्यापारियों के मुंह भले ही बंद हो गए हो, लेकिन बैठक के बाद सरकार और पार्टी के अलग-अलग रुख से व्यापारी हैरान हैं।
बता दें, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में व्यापारिक संगठनों की ओर से करीब 68 मांगें रखी गईं। इनमें ज्यादातर पर सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
जीएसटी से मिलेगी राहत
बैठक में कुछ व्यापारियों ने कुछ उत्पादों में टैक्स ज्यादा होने की बात कहते हुए छूट की मांग की। इस पर सरकार ने कहा है कि जीएसटी लागू होने पर ऐसी समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
दरअसल, व्यापारी पड़ोसी राज्यों का हवाला देेते हुए टैक्स कम करने की मांग कर रहे थे। इस पर सरकार ने देश में समान टैक्स वाले जीएसटी के लागू होने तक का इंतजार करने की बात कही।