सूबे के छोटे व सीमांत किसानों को वन व राजस्व भूमि में अतिक्रमण करने पर एक मुश्त राहत देने के लिए बने हिमाचल प्रदेश सरकारी भूमि पर (कतिपय मामलों में, लघु और सीमांत कृषकों के लिए) साम्पतिक अधिकार प्रदान करना नियम 2017 को अधिसूचित कर दिया है।
इसके साथ ही राजस्व विभाग ने इन नियमों में बदलाव को लेकर लोगों से तीन दिन के भीतर सुझाव देने को भी कहा है। सुझावों पर चर्चा के बाद जरूरत पड़ने पर नियमों में बदलाव भी किया जा सकता है।
इन नियमों का लाभ 28 फरवरी 2015 को विधानसभा में लाए गए संकल्प से पहले के ही कब्जाधारकों को मिलेगा। इसके अलावा इसमें कब्जाधारकों को पांच बीघा तक के कब्जे वैध करने का प्रावधान है।
हालांकि कब्जाधारक की कुल जमीन दस बीघा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, वर्ना दस बीघा से ऊपर जमीन होने पर कब्जा वैध नहीं होगा। वहीं, सरकार ने दो बीघा तक कब्जे को रेगुलर करने के लिए 5 हजार रुपये प्रति बीघा की दर तय की है।
इसके अलावा दो से पांच बीघा तक के लिए दस हजार रुपये प्रति बीघा की दर रखी गई है।