केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांगे गए इस्तीफे पर सरकार के मंत्री भड़क गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने जेपी नड्डा के बयान की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। नड्डा का बयान तथ्यविहीन, गुमराह करने वाला तथा राजनीति से प्रेरित है। मंत्रियों ने कहा कि प्रदेश भाजपा में प्रधानता को लेकर अंतर्कलह चल रही है। जेपी नड्डा की राज्य राजनीति पर नजर है। वह राज्य की राजनीति में बने रहने के लिए इस प्रकार की गुमराह करने वाली बयानबाजी कर रहे हैं।
61 एनएच देने का दावा राजनीतिक घोषणा
मंत्रियों ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य के लिए 61 नई राष्ट्रीय उच्च मार्ग परियोजनाएं देने का भाजपा का दावा मात्र राजनीतिक घोषणा है। अभी तक राज्य सरकार को केंद्र से इन परियोजनाओं के लिए एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ है। इन परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने के लिए राज्य सरकार का 170 करोड़ रुपये की राशि का प्राक्कलन भी केन्द्र ने अभी तक स्वीकृत नहीं किया है।