प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने के लिए नियुक्त किए गए 23 हजार से ज्यादा वर्कर्स का बजट सत्र में मानदेय बढ़ सकता है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने मानदेय को प्रति माह एक हजार रुपये से 1900 रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने बजट भाषण में मानदेय राशि बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। मिड डे मील वर्कर्स लंबे समय से मानदेय बढ़ाने के लिए संघर्षरत हैं। वर्तमान में केंद्र सरकार 900 रुपये और राज्य सरकार 100 रुपये का मानदेय मिड डे मील वर्कर्स को देती है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य सरकार को भेजे प्रस्ताव में मिड डे मील वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के बजट को बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान में हिमाचल सरकार 100 रुपये मानदेय देती है। निदेशालय ने सरकार के कोटे को 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है।
सरकार अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो मिड डे मील वर्कर्स का मानदेय कुल 1900 रुपये हो जाएगा। इसमें केंद्र सरकार का 900 रुपये और राज्य सरकार का कोटा 1000 रुपये का होगा। पहली से आठवीं के बच्चों को रोजाना दोपहर का भोजन निशुल्क दिया जाता है। बीते कई सालों से मिड डे मील वर्कर्स को एक हजार रुपये मानदेय ही मिल रहा है।