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पानी के बिल में बड़ी राहत दे सकते हैं सीएम वीरभद्र

Tue, 27 Oct 2015 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पानी के बिल पर 50 फीसदी सीवरेज सेस का बोझ झेल रहे शहर के हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने के आसार हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नगर निगम को सीवरेज सेस के मुद्दे पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया है। सोमवार को नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर की अगुवाई में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिला और शिमला में सीवरेज सेस 50 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने की अपील की।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नगर निगम के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि शहरी विकास विभाग के अधिकारियों को इस विषय को दोबारा एग्जामिन करने के निर्देश दिए जाएंगे। नगर निगम ने सीवरेज सेस के भार से शहर के लोगों का राहत देने के लिए 20 हजार लीटर तक पानी का प्रयोग करने वालों के लिए नया स्लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे लेकर नगर निगम के हाउस में प्रस्ताव लाया जाना है।

सरकार एक बार ठुकरा चुकी है प्रस्ताव
नगर निगम पहले भी प्रदेश सरकार को सीवरेज सेस 50 से घटाकर 15 फीसदी करने का प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन सरकार निगम के इस प्रस्ताव को ठुकरा चुकी है। हालांकि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा नगर निगम के पार्षदों को इस मुद्दे पर पुनर्विचार का आश्वासन देते रहे हैं।
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स्वायत्तता खत्म करने का लगा था आरोप
सीवरेज सेस के मुद्दे पर नगर निगम के भाजपा पार्षदों ने प्रदेश सरकार पर निगम की स्वायत्तता खत्म करने का आरोप लगाया था। सितंबर में हुई निगम की मासिक बैठक में इस मुद्दे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप लगे। कांग्रेस पार्षदों ने निगम पर अपना पक्ष सही तरीके से सरकार के समक्ष न रखने का आरोप लगाया था।

पानी के बिल घर-घर पहुंचाने के दावे हवा, हंगामा
नगर निगम के दावे के विपरीत शहर के कुछ आवासीय क्षेत्र ऐसे हैं जहां पूरी कालोनी में ही पानी के बिल नहीं बंटे। ढली, संजौली और टूटीकंडी वार्ड की विभिन्न आवासीय कालोनियों के रहने वाले लोगों का कहना है कि नगर निगम ने उन्हें घर पर बिल नहीं दिए। ऐसे में बिल जमा करने की अंतिम तिथियों पर अब निगम कार्यालय से बिल लेने का फरमान जारी कर दिया गया है जो सरासर गलत है।

यहां जमा करवाएं बिल
शहर के 300 उपभोक्ताओं को पानी के बिल नहीं मिले। अब इन उपभोक्ताओं को निगम कार्यालय आकर बिल लेने होंगे। नगर निगम ने बिल जमा करने की आखिरी तारीख दो नवंबर निर्धारित की है। ऐसे में जिन लोगों को अभी तक बिल नहीं मिले उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। बिल बांटने की जिम्मेवारी वार्ड सुपरवाइजरों को सौंपी थी। नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने बताया कि उपभोक्ता निगम की वेबसाइट पर भी अपना बिल अमाउंट जांच कर कैश काउंटर, लोक मित्र केंद्र अथवा आनलाइन सुविधा के माध्यम से बिल जमा करवा सकते हैं।
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