फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला, 10 साल तक बन सकेंगे प्रधान!

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल में अब पंचायतों की तस्वीर बदल सकेगी। सरकार ने दस साल के लिए आरक्षण रोस्टर लागू कर दिया है। सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि पंचायतों में विकास कार्य हो सकें। एक बार पंचायत प्रधान चुनने के बाद सोचना शुरू कर देता है कि उसका केवल यही टेन्योर होगा।
विज्ञापन


अगली बार पंचायत प्रधान की सीट आरक्षित हो सकती है या अनारक्षित वर्ग की सीट ओपन हो सकती है। ऐसे में प्रधान काम में ढील बरतना शुरू कर देते हैं, लेकिन अब सरकार ने दस साल के लिए आरक्षण रोस्टर लागू कर दिया है। इससे प्रधान लगातार दूसरी बार भी चुनाव लड़ पाएगा क्योंकि आरक्षण रोस्टर दस साल का होगा।

इससे प्रधान विकास कार्यों में तेजी लाएंगे। पंचायती राज विभाग के मुताबिक 1995 से अब तक हिमाचल में 5 साल के लिए आरक्षण रोस्टर लगता था।1995 में लगे रोस्टर का आरक्षण रोटेशन वर्ष 2005 में खत्म हो गया था।
विज्ञापन

पहली बार सरकार ने लिया ऐसा फैसला

2010 में नए सिरे से रोस्टर लगा। 2010 के बाद 2015 में अब यह पहला रोटेशन होगा। अब दूसरा रोटेशन पांच साल बाद नहीं बल्कि दस साल बाद होगा। प्रदेश में पहली बार दस साल के लिए रोस्टर लागू किया गया है। प्रदेश सरकार ने उपायुक्तों को बीते 17 अक्तूबर को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में सप्ताह के भीतर रोस्टर जारी करें।

पंचायतों में नहीं होगी धन की कमी
पंचायतों में विकास कार्यों के लिए अब धन की कमी नहीं होगी। प्रदेश सरकार से पंचायतों को सीधे ग्रांट जाएगी। पंचायत का जनरल हाउस विकास कार्यों के निर्णय ले सकेगा। यही नहीं, जनरल हाउस में मंजूर हुए कार्यों पर अधिकारी भी हस्तक्षेप नहीं कर सकेगा।

सॉफ्टवेयर और मैनुअली रोस्टर में कोई फर्क नहीं
प्रदेश सरकार का कहना है कि सॉफ्टवेयर और मैनुअली रोस्टर में कोई फर्क नहीं है। सॉफ्टवेयर से एक घंटे में रोस्टर फाइनल हो जाने थे, मैनुअली रोस्टर भी सॉफ्टवेयर की तरह होगा। फर्क इतना है कि इसे हाथ से तैयार किया जाना है।
विज्ञापन

दोषी पंचायत प्रधान नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

पंचायत में अगर किसी प्रधान पर आरोप सिद्ध हो गए हों और उन्हें सजा मिल गई हो तो ऐसे पंचायत प्रधान चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। हिमाचल में 30 के करीब ऐसे प्र्रधान हैं, जिन पर आरोप सिद्ध हुए हैं। इसके अलावा जिन पंचायत प्रधानों और परिवार के सदस्यों ने अतिक्रमण किया हो, वे भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव ओंकार शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव के लिए तैयार है। 17 अक्तूबर को उपायुक्तों को सप्ताह के भीतर रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। रोस्टर आरक्षण दस साल के लिए होगा। वर्तमान में जिन जरनल के लिए है वह या तो कास्ट या फिर महिलाओं को जा सकती हैं। वार्डों के आरक्षण में भी जनसंख्या के आधार पर फेरबदल होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें