प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 2630 पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षकों के लिए सरकार ने अनुबंध नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से शिक्षकों से संबंधित ब्यौरा तीन दिनों के भीतर देने के आदेश दिए हैं।
भाजपा ने अपने चुनावी दृष्टि पत्र में एसएमसी शिक्षकों के लिए नीति बनाने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में अब निदेशालय ने अनुबंध नीति बनाने का काम शुरू किया है। सरकारी स्कूलों में 603 टीजीटी, 993 सीएंडवी, 155 जेबीटी, 770 पीजीटी और 109 डीपी पीरियड आधार पर एसएमसी के तहत नियुक्त किए गए हैं।
साल 2012 में इन शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। पूर्व सरकार ने शिक्षकों के लिए नीति बनाने के कई बार आश्वासन दिए लेकिन पांच साल के कार्यकाल के दौरान नीति नहीं बनाई। पूर्व सरकार शिक्षकों को हर साल एक्सटेंशन ही देती रही।
अब प्रदेश में बनी भाजपा सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के लिए अनुबंध नीति बनाने का काम शुरू किया है। नीति बनाने के चलते ही शीतकालीन स्कूलों के शिक्षकों की अभी तक एक्सटेंशन बढ़ाई नहीं गई है। शीतकालीन स्कूलों में नियुक्त एक हजार से अधिक शिक्षकों की एक्सटेंशन 31 दिसंबर 2017 को समाप्त हो चुकी है।
फरवरी में स्कूल खुलने के बाद भी सरकार ने शिक्षकों को एक्सटेंशन नहीं दी है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में एक साल की एक्सटेंशन 31 मार्च 2018 को समाप्त होनी है। उधर, पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव मनोज रौंगटा ने सरकार से जल्द से जल्द नीति बनाने की मांग की है।