फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीरभद्र सरकार ने लिए बड़े फैसले, सस्ता हुआ कपड़ा, चीनी और लोहा

Tue, 26 Jul 2016 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। बिना सिले कपड़ों और लेवी चीनी पर लगने वाले टैक्स को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन


कुछ समय पहले सरकार ने बिना सिले कपड़े पर वैट को पांच प्रतिशत किया था जिसके बाद व्यापारियों ने खासी नाराजगी व्यक्त की थी। नाराजगी को देखते हुए सरकार ने 8 जुलाई की कैबिनेट बैठक में इसे कम करने पर चर्चा की थी।

लेकिन एक राय न बनने की वजह से मामले को ड्राप कर दिया गया था। वहीं, लेवी चीनी पर टैक्स कम होने से राशन की दुकानों पर मिलने वाली चीनी के दाम और कम हो सकते हैं। आने वाले दिनों में लोगों को सस्ते दामों पर चीनी मिलेगी।
विज्ञापन

बागवानों को भी राहत, एंटी हेल नट और लोहे के रेट घटेंगे

सरकार ने बागवानों को तोहफा देते हुए एंटी हेल नेट पर लगने वाला वैट भी घटा दिया है। अभी तक सरकार नेट पर 13.75 प्रतिशत वैट वसूलती थी लेकिन अब उसे घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है।

सरकार के इस कदम के बाद ओलावृष्टि से बचने के लिए एंटी हेल नेट खरीदने वाले बागवानों को खासी राहत मिलेगी। वहीं, सरकार ने प्रदेश में लोहे और इस्पात पर लगने वाले अतिरिक्त माल कर को भी 7.50 रुपये से 5 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया।

सीएम ने इसकी घोषणा बजट सत्र के दौरान की थी जिसकी लोग लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। अतिरिक्त माल कर कम होने से लोहा और स्टील खरीदने वाले ग्राहकों को अपना माल एक से दूसरी जगह ले जाने में खासी राहत मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश एंट्री टैक्स में भी होगा बदलाव

सरकार ने सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसपर भी लगने वाले वैट को 13.75 से घटाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।  

टैक्स कम करने के साथ ही सरकार ने स्थानीय क्षेत्र अधिनियम 2010 के तहत हिमाचल प्रदेश माल प्रवेश कर की कर अनुसूची में संशोधन करने को भी स्वीकृति प्रदान की है। अब विभाग इस एक्ट के तहत आने वाली अनुसूची में जरूरी बदलाव कर सकेगा।

बिजली प्रोजेक्टों पर भी आया बड़ा फैसला

मंत्रिमंडल ने चिनाब घाटी में जल विद्युत परियोजना के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा निविदाओं के नियमों एवं शर्तों में छूट देने का निर्णय लिया है। अब चिनाब घाटी में लगने वाले बिजली प्रोजेक्टों से 12 साल तक सरकार अपने कोटे की मुफ्त बिजली नहीं लेगी।

निवेशक की ऋण और वित्त पोषण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सरकार ने यह छूट दी है। मुफ्त बिजली (रॉयलटी) को सरकार 13वें साल से लेना शुरू करेगी।

इस अंतर को आगामी 18 वर्षों में समान दर से वसूला जाएगा। चिनाब घाटी में निवेशकों द्वारा ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने में दिलचस्पी नहीं लेने के चलते सरकार ने यह छूट दी है।

कैबिनेट बैठक में ये भी हुए फैसले

- शिमला जिले की ठियोग तहसील में विशिष्ट संस्कृत विद्यापीठ ‘तुंगेश’ को सरकारी नियंत्रण में लेने का निर्णय।
- झंडूता में नया एसडीएम कार्यालय, मतियाणा में आईपीएच मंडल खोलने को मंजूरी।

- शिमला जिले के मतियाना में नए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंडल के सृजन और झंडूता में नया उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कार्यालय सृजित करने को भी स्वीकृति।

- कांगड़ा, ऊना जिले के हरोली, मंडी जिले के पधर और सोलन जिले के बद्दी में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा के अनुरूप नए उपरोजगार कार्यालय खोलने को भी मंजूरी।  

- कुल्लू जिले के गहर जाच्छ (गडासा मेला) को जिलास्तरीय मेले का दर्जा प्रदान करने को भी मंजूरी।
- बैठक में टेढ़ा मंदिर को ज्वालाजी मंदिर न्यास के तहत लेने का भी निर्णय।

- कांगड़ा जिले के चचियां, मंडी जिले के सयांज बागरा और पंडोह के पशु औषधालयों को पशु अस्पतालों में आवश्यक स्टाफ सहित स्तरोन्नत करने की मंजूरी।
- मंडी जिले के संधोल स्थित केंद्र्रीय विद्यालय संगठन को पट्टे पर भूमि उपलब्ध करवाने को मंजूरी दी।

- मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप विभिन्न प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को स्तरोन्नत करने की मंजूरी दी।

नहीं बढ़ा इन फलों का समर्थन मूल्य

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने इस बार नींबू प्रजाति के फलों का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया है। यह इस साल भी पिछले वर्ष की तरह ही रहेगा। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत बागवानों से उस सेब की खरीद की जाती है जो बगीचे में गिर गया हो या प्राकृतिक आपदा जैसे ओलों आदि से दागी हो गया हो।

हिमाचल मंत्रिमंडल ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत नींबू प्रजाति के फलों जैसे किन्नू, मालटा, गलगल और संतरे का 21 नवंबर 2016 से 15 फरवरी 2017 तक खरीद करने का निर्णय लिया है।

नींबू प्रजाति के फलों में ग्रेड-बी के फलों का 500 मीट्रिक टन तक 6.50 रुपये प्रति किलो होगा जबकि ग्रेड सी के फलों की खरीद 6 रुपये प्रति किलो की दर से की जाएगी। इसी तरह से 100 मीट्रिक टन तक गलगल का प्रापण 5 रुपये प्रति किलो की दर से किया जाएगा।

किन्नू, मालटा और संतरे के लिए हैंडलिंग चार्जिज 2.65 रुपये प्रति किलो होंगे, जबकि गलगल के लिए यह शुल्क एक रुपये प्रति किलो करने को मंजूरी दी गई है। बता दें कि मंत्रिमंडल ने अपनी पिछली बैठक में सेब का समर्थन मूल्य भी नहीं बढ़ाया था। यह भी पिछले साल की तर्ज पर ही रहेगा।

बाबा अमरनाथ के आश्रम पर सरकार मेहरबान

सोलन के कंडाघाट स्थित बाबा अमरनाथ के आश्रम व मंदिर पर सरकार की मेहरबानी बरकरार है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में बाबा के सोलन स्थित मंदिर को जमीन देने को लेकर चर्चा हुई।

जमीन ग्राम पंचायत की है इसलिए पंचायती राज विभाग और बाकी विभागों के मंत्रियों ने मामले में सभी विभागों से राय मांगने के लिए मामले को ड्रॉप कर दिया। निर्णय हुआ कि सभी संबंधित विभागों से राय के बाद ही इस पर कोई फैसला होगा।

सूत्रों की मानें तो बाबा के आश्रम व मंदिर को हटाने के पक्ष में कैबिनेट में एक भी मंत्री नहीं है। राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह और धनी राम शांडिल समेत कई अन्य मंत्री इस बात पर अड़े रहे कि उस मंदिर के आसपास की जमीन को बाबा को लीज पर दे दिया जाए।

चूंकि, मामला जमीन से जुड़ा था इसलिए राजस्व, पंचायती राज और वित्त विभाग के अलावा स्थानीय प्रशासन की राय के बाद ही इस पर फैसले का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सीएम वीरभद्र सिंह दिल्ली रवाना

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के निपटने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सीएम वीरभद्र सोमवार को वस्तुएं एवं सेवाएं (जीएसटी) कर वित्त मंत्रियों की प्रस्तावित बैठक में हिस्सा लेंगे।

सोमवार सुबह शुरू हुई ये बैठक दोपहर को संपन्न हो गई। 18 दिनों के भीतर सोमवार को ये कैबिनेट की तीसरी मीटिंग थी। सीएम वीरभद्र सिंह के पास ही हिमाचल प्रदेश के वित्त मंत्री का भी कार्यभार है।

केंद्र सरकार ने इस विषय पर देश के अन्य राज्यों की तरह इस मामले में हिमाचल का भी पक्ष भी जानना चाहा है। ये बैठक वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में प्रस्तावित बताई जा रही है।

वहीं, सीएम वीरभद्र सिंह अपने खिलाफ चल रही ईडी की कार्रवाई पर भी अपने अधिवक्ताओं से चर्चा कर सकते हैं। ईडी मामले में दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई 29 जुलाई को है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें