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कैबिनेट के फैसले: सबको मिलेंगी सस्ती दालें, जलरक्षकों का मानदेय बढ़ा

Tue, 06 Sep 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में राशन डिपो में सभी को तीन रियायती दालें मिलेंगी। राज्य मंत्रिमंडल ने दालों के लिए परिवार के सदस्यों की शर्त को खत्म कर दिया है। इसका लाभ राज्य के लाखों उपभोक्ता परिवारों को होगा।
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राज्य सरकार ने वाटर गार्डों का मासिक मानदेय भी बढ़ा दिया है। इसे 150 रुपये प्रति जल रक्षक बढ़ाया गया है। ये मानदेय 1350 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। हिमाचल में 2220 जलरक्षकों को इसका मिलेगा।

हाइड्रो प्रोजेक्टों से प्रभावित परिवारों में 100 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। सरकार विभिन्न श्रेणियों के 1500 से अधिक पदों को सरकार भरेगी। सोमवार को हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक का आयोजन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में किया गया।
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अब सभी को सस्ती मिलेंगी ये दालें

राज्य सरकार ने हिमाचल के लाखों राशन कार्डधारक परिवारों को राहत दी है। पहले प्रदेश सरकार 1 से 2 परिवार के सदस्यों को एक दाल उपलब्ध करवा रही थी, जबकि 3 से 4 परिवार सदस्यों को 2 दालें और इससे ऊपर परिवार के सदस्यों को 3 दालें दी जाती थीं।

अब राज्य सरकार ने हर राशनकार्ड पर उपभोक्ताओं को तीन दालें देने का फैसला लिया है। इस समय लोगों को राजमा, मसर और दाल चना उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य सरकार ने दालों का शेड्यूल बदलने के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।

इन्हें भी मिलेगा 35 किलो सस्ता राशन

मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के जनजातीय क्षेत्रों के गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले परिवारों को 35 किलोग्राम राशन देने को भी मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने भरमौर में राशनकार्ड उपभोक्ताओं को आटे की जगह गेहूं उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया है।

इस बैठक में ये मंत्रणा हुई कि वाटर गार्डों की मानदेय बढ़ोतरी का हिमाचल सरकार पर 8.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

ये भी हुए मंत्रिमंडल में फैसले

- भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट देकर नेपाली मूल के दिहाड़ीदारों को नियमित करने को मंजूरी।

- राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 10 लाख रुपये और स्थायी अपंगता पर पांच लाख रुपये की अनुग्रह क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने के प्रस्ताव को दी मंजूरी।

- मंत्रिमंडल में शिमला जिला के रामपुर उपमंडल के तकलेच और सराहन में उपतहसीलें खोलने को मंजूरी दे दी।

इन फैसलों को भी पढ़ना न भूलें

- बिलासपुर जिले के बंदला में नया हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने को स्वीकृति दी।

- कारागारकर्मियों को पुरस्कृत करने के योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

- कांगड़ा जिले के खुंडिया में लोक निर्माण विभाग के उपमंडल खोलने का निर्णय।

- चंबा जिले की सलूणी तहसील के भलेई में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के निर्माण को मंजूरी और बिलासपुर जिला के नम्होल स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अतिरिक्त आवास निर्माण को मंजूरी।

सरकार ने इन पर भी लिया फैसला

- मंत्रिमंडल ने घुमारवीं में आयोजित होने वाले ग्रीष्मोत्सव को जिला स्तरीय मेला घोषित करने को दी मंजूरी प्रदान की।

 - कैबिनेट ने मंडी जिले में पशु औषधालय मझावर को पशु अस्पताल और कुल्लू जिले के पशु औषधालय गोशानी को पशु अस्पताल में आवश्यक स्टाफ समेत स्तरोन्नत करने की मंजूरी।

- पूर्व में निजी क्षेत्र के ज्वाला जी महाविद्यालय ज्वालामुखी और दीन दयाल महेश महाविद्यालय शुघ-भटोली को शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की सेवाओं सहित सरकारी क्षेत्र में लेने को मंजूरी, जिसे अब राजकीय महाविद्यालय शुघ-भटोली का नाम दिया गया।

ये अस्पताल किए अपग्रेड, मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

राज्य सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रिमंडल ने कई अस्पतालों को अपग्रेड कर नए जरूरी पद सृजित करने की भी मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने नागरिक अस्पताल ज्वालामुखी को स्तरोन्नत कर 75 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल बनाने और कांगड़ा जिला के धनोट (जुराही) स्थित एचएससी को आवश्यक पदों को सृजित करने के साथ स्तरोन्नत करने की मंजूरी दी है।

ऊना जिला के गगरेट विधानसभा क्षेत्र के शिवपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कांगड़ा के राजा का तालाब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पर्याप्त स्टाफ  सृजित करने सहित खोलने को मंजूरी दी है। शिमला जिला के बसंतपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जवाली के रे में 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुल्लू के मोहल गांव में आवश्यक स्टाफ  सहित स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने को मंजूरी दी गई है।

इन स्वास्‍थ्य केंद्रों को भी किया जाएगा स्तरोन्‍नत

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवाली को आवश्यक स्टाफ  सृजित करने सहित 50 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की स्वीकृति दी गई। सोलन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उप केंद्र बाबा हरिपुर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ऊना जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंगरत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र कुठारबीट को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक स्टाफ  सृजित करने के साथ स्तरोन्नत करने की भी स्वीकृति दी गई। बैठक में शिमला जिला की ग्राम पंचायत धलाया (बठमाणा जाबरी), गवाही (कोहबाग) और ग्राम पंचायत ओखरू में स्वास्थ्य औषधालय खोलने की मंजूरी दी है।

गैर हिमाचलियों को भी मिल सकेंगे बिजली प्रोजेक्ट

प्रदेश में गैर हिमाचलियों को भी अब बिजली प्रोजेक्ट मिल सकेंगे। हिमाचलियों की ओर से गैर हिमाचलियों को शेयर बेचने या हस्तांतरित करने के संबंध में जल विद्युत नीति 2006 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।

अब मूल हिमाचली दो मेगावाट क्षमता तक की जल विद्युत परियोजनाओं को पूर्ण विनिमेश सहित निष्पादन के दो वर्ष के बाद 49 प्रतिशत समान भागीदारी गैर हिमाचलियों को बेच सकेंगे। इसी प्रकार ऐसे हिमाचली जिन्हें दो से पांच मेगावाट क्षमता तक की परियोजनाएं आवंटित की गई हैं।

उन्हें वे निष्पादन के दो वर्ष के बाद बेच सकेंगे अथवा 51 प्रतिशत समान भागीदारी गैर हिमाचलियों को हस्तांतरित कर सकेंगे। हालांकि, इन दोनों मामलों में भागीदारी हस्तांतरण के लिये कुछ उचित शुल्क वसूला जाएगा।

मंत्रिमंडल ने चंबा जिले में 3 मेगावाट की ज्वाईनर दो, सिरमौर जिले में 0.80 मेगावाट की कांडा, शिमला जिले के रांवी में एक मेगावाट तथा मंडी जिले के चाहौड़ में दो मेगावाट की जल विद्युत परियोजनाओं को निरस्त करने को भी अपनी स्वीकृत प्रदान की।

मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं के कारण प्रभावित परिवारों को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत विनियमन आयोग द्वारा निर्धारित उपदान युक्त प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली निशुल्क प्रदान करने को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की गई।

एंट्री टैक्स किया खत्म

उद्योगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले एंट्री टैक्स को मंत्रिमंडल ने खत्म करने को भी मंजूरी दे दी है। ये टैक्स उद्योगों के लिए आने वाले पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाया जाता था।   

जंगी-थोपन-पोवारी प्रोजेक्ट का मामला टर्न डाउन
जंगी-थोपन-पोवारी प्रोजेक्ट मामला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में गया, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो पाई। इस प्रोजेक्ट को लेने से रिलायंस ने इंकार किया है। राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट का दोबारा टेंडर करना चाहती है, मगर इस पर चर्चा नहीं हो पाई।
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साहसिक गतिविधियों में रिवर क्रॉसिंग भी शामिल

राज्य मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विविध साहसिक गतिविधियां नियम - 2004 को मंजूरी दी, जिसमें मौजूदा रिवर क्रॉसिंग, जोरबिंग, हॉट एयर बैलुनिंग, स्कींग, ट्रैकिंग, रॉक क्लाइबिंग, बंजी जंपिग, रोलिग बॉल, वाटर बॉल, जिपलाइन आदि को शामिल करने का निर्णय लिया। हालांकि, जन साधारण से आक्षेप एवं सुझाव आने के उपरांत ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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