हिमाचल के सरकारी स्कूलों में गाइड (कुंजी) को लाने पर पूर्ण तौर पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर कार्रवाई करने को कहा है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में निरीक्षण के दौरान अगर विद्यार्थी या शिक्षक के पास गाइड मिली तो प्रिंसिपल पर कार्रवाई होगी।
गाइड से सवालों के जवाब लिखने और इससे शिक्षकों की ओर से पढ़ाने पर भी शिक्षा निदेशालय ने प्रतिबंध लगा दिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के कुछ स्कूलों के निरीक्षण के दौरान पाया कि पांचवीं कक्षा के छात्र स्कूलों में गाइड लेकर आ रहे हैं। कॉपियों में गाइड में लिखे सवालों के जवाब जस के तस लिखे जा रहे हैं। कई शिक्षक भी स्कूलों में गाइड से पढ़ा रहे हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस तरह के मामलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर प्राइमरी, मिडल, सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों में गाइड लाने पर रोक लगाने को कहा है। संबंधित अधिकारियों को सभी स्कूलों को निदेशालय के आदेशों से अवगत करवाने को कहा गया है। निदेशालय ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर स्कूलों के निरीक्षण के दौरान किसी विद्यार्थी के पास गाइड पाई गई तो स्कूल प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई होगी।
निदेशालय ने स्कूली बच्चों को भी गाइड में लिखे सवालों के जवाबों को हूबहू नहीं लिखने की हिदायत दी है। निदेशालय के अफसरों का मानना है कि कुंजी को मदद के लिए प्रयोग करने की बजाय नकल के लिए प्रयोग किया जा रहा है। विद्यार्थियों की ओर से गाइड से जवाब लिखने के चलते उनकी बौद्धिक क्षमता नहीं बढ़ रही है।