हिमाचल में केंद्र की एक योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए बनाए गए सस्ते घर राज्य सरकार के गले पड़ गए हैं। प्रदेश के शहरी विकास विभाग ने इंटीग्रेटिड हाउसिंग एंड स्लम डेवलेपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) के तहत हमीरपुर, परवाणू और नालागढ़ में गरीबों के लिए मकान बनाने का काम 2008 -09 में हिमुडा को दिया था।
हमीरपुर में 152, परवाणू में 192 और नालागढ़ में 128 घर बनने थे। हिमुडा ने जो डीपीआर दी, उसके मुताबिक हमीरपुर में 1.32 लाख, परवाणू में 2.45 लाख और नालागढ़ में 2.13 लाख में प्रति मकान लागत बताई गई। इसका केवल 10 फीसदी पात्र लोगों को देना था।
लोगों को सपना दिखाया गया कि उन्हें 13 से 24 हजार में दो कमरों का पक्का मकान मिलेगा।
लागत बढ़ने से हो गया घाटा
कालोनियों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट अलग से तय थी। हमीरपुर में प्रति मकान 1.59 लाख, परवाणू में 3.63 लाख और नालागढ़ में 2.13 लाख इन्फ्रास्ट्रक्चर कास्ट भारत सरकार ने चुकाई। ये राशि सीवरेज, ड्रेनेज एवं सामुदायिक भवन आदि पर खर्च होनी थी।
कुल 472 मकानों में से करीब 200 मकान जब इस साल तैयार हुए तो इनकी लागत दोगुने से भी ज्यादा हो गई। बढ़ी हुई लागत चुकाने के लिए जब चयनित परिवारों को कहा गया तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया।
हमीरपुर में प्रति मकान लागत 5.89 लाख, परवाणू में 7.52 लाख और नालागढ़ में 7.23 लाख रुपये आई। ऐसे में ये सस्ते घर अब महकमे के गले पड़े गए हैं। महकमे को यह फैसला लेना है कि इन्हें अब किसे दिया जाए। बढ़ी लागत किससे पूरी की जाए?
कैबिनेट में जा सकता है मामला
सरकारी सिस्टम में कैसे योजनाएं दम तोड़ जाती हैं, ये इसका उदाहरण भी है। हमीरपुर, परवाणू और नालागढ़ के दो साल बाद सुंदरनगर और सरकाघाट शहरों में भी ये योजना शुरू हुई, लेकिन यहां काम हिमुडा को देने के बजाय विभाग ने सीधे लाभार्थियों को पैसे दिए।
इससे न तो लागत बढ़ी और न ही काम में देरी हुई। 238 मकान दो साल के भीतर बनकर भी तैयार हो गए। ये पूर्व सरकार के दौरान की खामी है। ऐसा कैसे हो सकता है कि हमीरपुर में घर बनाने की लागत कम हो और परवाणू में ज्यादा? वर्ष 2009 में हिमुडा ने जब डीपीआर दी, तब इसे न तो विभाग ने देखा और न तत्कालीन मंत्री ने।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का कहना है कि हम इन लाभार्थियों को अब राजीव ऋण योजना के तहत जोड़ने की सोच रहे हैं, ताकि आसान किस्तों पर इन्हें ये बने बनाए घर मिल जाएं। जरूरत पड़ी तो कैबिनेट में जाएंगे।