प्रदेश सरकार ने आटे के कोटे में बढ़ोतरी की है। इस महीने उपभोक्ताओं को डिपो में 14 किलोग्राम आटा मिलेगा। पहले राशनकार्ड उपभोक्ताओं को प्रति राशन कार्ड में 13 किलोग्राम आटा मुहैया कराया जा रहा था।
एपीएल परिवारों की संख्या काम होने और बीपीएल, अंत्योदय राशनकार्ड की संख्या में इजाफा होने से ये आटा बढ़ा है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिलों के डीएफसी को बढ़े हुए आटे का कोटा जारी करने के आदेश दिए हैं।
इधर, खाद्या आपूर्ति विभाग ने डिपो होल्डरों के पहले से ही 13 किलोग्राम के हिसाब से आटा का इंडेंट काट दिया है। इसकी सप्लाई डिपो में जानी शुरू हो गई है।
12 लाख राशनकार्ड धारको को होगा फायदा
हिमाचल में वर्तमान में कुल राशन कार्डों की संख्या 17 लाख 38 हजार 383 है। इसमें बीपीएल और अंत्योदय परिवारों की संख्या 5 लाख 14 हजार के करीब है वहीं एपीएल परिवार 12 लाख के आसपास है।
प्रदेश सरकार ने जो आटे के कोटे में बढ़ोतरी की है, उसका फायदा सिर्फ 12 लाख राशनकार्ड धारकों को होना है। खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि बीपीएल और एपीएल परिवारों को सरकार कदम 2 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से उपलब्ध करा रही है।
तो इसलिए बढ़ गया कोटा
सरकार मानती है कि आटे के कोटे के बढ़ाने दो कारण है। एक तो एपीएल परिवारों का काम होना और दूसरे धर्मशाला और ऊना ऐसे जिले है जहां आटे की खपत कम हैं।
यहां अनाज की भरपूर खेती होती है। इससे भी कुछ परिवार ऐसे है जो आटा नहीं ले रहे हैं। इससे कोटा बच रहा है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक प्रियतू मंडल ने कहा कि बीते महीने उपभोक्ताओं के 13 किलोग्राम आटा दिया जा रहा था लेकिन इस बार एक किलोग्राम कोटे में बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा एपीएल परिवार को होगा।