शिक्षा विभाग पुराने बजट का पूरा हिसाब देने पर ही नया बजट जारी करेगा। पुरानी बचत छिपाकर नया बजट मांगने वालों पर शिकंजा कसते हुए शिक्षा निदेशालय ने सख्ती शुरू कर दी है। दोषी अफसरों और कर्मचारियों को कड़ी कार्रवाई के प्रति चेताया भी गया है।
शिक्षा निदेशालय ने फील्ड स्टाफ से 30 नवंबर तक बजट का पूरा ब्योरा मांगा है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने कहा कि कुछ आहरण और संवितरण अधिकारी बचतों को छिपाते हुए अतिरिक्त बजट की मांग करते हैं, जबकि उनके पास मूल बजट प्रावधान में ही बचतें उपलब्ध होती हैं।
इस तरह के मामलों के चलते विभाग की ओर से सरकार से अधिक बजट की मांग की जाती है, जबकि वित्तीय वर्ष के अंत में विभाग के पास मूल प्रावधान में बचतें उपलब्ध रह जाने पर सरकार की ओर से अनुपूरक अनुदान मांगों में उपलब्ध करवाई गई राशि अनावश्यक सिद्ध होती है।
निदेशक दिनकर बुराथोकी ने कमांडेंट एनसीसी, सभी उप निदेशकों, प्राचार्य शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय धर्मशाला, प्राचार्य एससीईआरटी सोलन, सभी कॉलेज प्राचार्यों, मुख्य पुस्तकाध्यक्ष और प्रधानाचार्य सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा को पत्र जारी कर कहा कि इस तरह के मामलों में वित्तीय नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने सभी अधिकारियों से वास्तविक बजट मांगों और व्यय की रिपोर्ट भेजने को कहा है।
अगर भविष्य में किसी आहरण एवं संवितरण अधिकारी की ओर से जान-बूझकर बचतों को छिपाकर अतिरिक्त बजट प्राप्त किया गया और साल की समाप्ति पर कम व्यय हुआ तो इस चूक के लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होगा। ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।