विनय कुमार ने बताया कि 10 जनवरी को प्रत्येक जिले में जिला अध्यक्ष प्रेसवार्ता करेंगे, जिसमें संबंधित जिलों के मंत्री, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। 11 जनवरी को प्रमुख स्थलों और राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिमाओं के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक उपवास रखा जाएगा। 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलेगा, जबकि 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय धरने, 7 से 15 फरवरी के बीच राज्य स्तरीय धरना और 16 से 25 फरवरी के बीच क्षेत्रीय स्तर पर एआईसीसी की रैलियां आयोजित होंगी।
बैठक में वर्चुअल रूप से शामिल एआईसीसी सदस्य व प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। केंद्र सरकार ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसकी आत्मा को समाप्त कर दिया। सह प्रभारी चेतन चौहान और विदित चौधरी ने भी अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने का आह्वान किया।
बैठक में मंडी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, कांगड़ा के अनुराग शर्मा, हमीरपुर के सुमन भारती शर्मा, लाहौल-स्पीति के दोरजे अंगरुप, कुल्लू के सेस राम आजाद, चंबा के सुरजीत कुमार भरमौरी, सिरमौर के आनंद परमार, सोलन के सुभाष चंद वर्माणी, शिमला शहरी के इंदरजीत सिंह, बिलासपुर के अंजना धीमान और ऊना के जिला अध्यक्ष देशराज गौतम मौजूद रहे।