कांग्रेस से टिकट आवेदन करने के लिए इस बार दावेदारों को 25 हजार रुपये फीस देनी होगी। एक ओर जहां प्रदेश कांग्रेस संगठन की कार्यशैली मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निशाने पर है, वहीं इससे बेपरवाह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने टिकट आवेदन का प्रारूप तैयार करवा लिया है। तैयार प्रारूप पर अगले हफ्ते कभी भी टिकटों के लिए आवेदन मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
टिकट आवेदन पत्र चार पृष्ठों का बनाया गया है। इस आवेदन पत्र को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्य कार्यकारिणी के अनुमोदन के बाद तैयार किया गया है। प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बड़े नेताओं से विचार-मंत्रणा के बाद एक सप्ताह बाद आवेदन मांगने शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के लिए टिकट आवेदन की फीस 25 हजार रुपये तय की गई है जबकि आरक्षित वर्गों को 15 हजार रुपये का शुल्क देना होगा। पिछली बार वर्ष 2012 के चुनाव में सामान्य वर्ग के लिए ये शुल्क 10 हजार रुपये था जबकि आरक्षित वर्गों के लिए पांच हजार रुपये था।
प्रदेश चुनाव समिति और स्क्रीनिंग कमेटी में होगी छंटनी
टिकटों के लिए आवेदन के बाद कांग्रेस हाईकमान की ओर से गठित प्रदेश चुनाव समिति और स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इनकी छंटनी होगी। प्रदेश चुनाव समिति में केंद्र से नियुक्त नेताओं के अलावा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुशील कुमार शिंदे, हिमाचल की ओर से सीएलपी लीडर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रदेश प्रमुख बैठेंगे। ये प्रत्येक सीट के लिए तीन या चार नामों के पैनल तैयार करेंगे। उसके बाद ये पैनल स्क्रीनिंग कमेटी में भेजे जाएंगे। बैठक में हिमाचल के नेताओं में से केवल मुख्यमंत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ही बैठेंगे। यही कमेटी हाईकमान को टिकट के लिए अंतिम नाम की संस्तुति करेगी।