पीटरहाॅफ में कांग्रेस की जय हिंद सभा।
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भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान और सम्मान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की जय हिंद सभा शुक्रवार को पीटरहॉफ शिमला में शुरू हुई। सभा में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के भाषण के अंश सबसे पहले प्रसारित किए गए। इस दाैरान कांग्रेस नेता अजय माकन, प्रदेश पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल भी माैजूद रहीं। सभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कैबिनेट मंत्री और पार्टी विधायक भी माैजूद रहे।
इस दाैरान कांग्रेस ने जय हिंद सभा से सेना के शौर्य और बलिदानियों को नमन किया। इस सभा में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा से निपटने के सरकार के तरीकों तथा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अमेरिका की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए। इस दाैरान बलिदानियों के परिजनों, पदक विजेताओं पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। उधर, कांग्रेस की रैली के चलते सुबह शहर में जाम की समस्या भी रही।
कांग्रेस ने देश के लिए दिए बलिदान, भाजपा सेना का ले रही श्रेय : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस ने देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिए हैं। वहीं, भाजपा के नेता ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना का श्रेय ले रहे हैं। शुक्रवार को शिमला के पीटरहॉफ में भारतीय सेना के पराक्रम और शौर्य को नमन करने के लिए आयोजित जय हिंद सभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ये बातें कहीं। कार्यक्रम में पाकिस्तान से लड़ाई लड़ने वाले वीरों व प्राण न्योछावर करने वाले 52 सेना नायकों के परिजन को सम्मानित किया गया।
सीएम सुक्खू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दोनों देशों के बीच सीजफायर करवाना दुखद था। मुख्यमंत्री ने शिमला समझौते का पालन न होने पर केंद्र सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीतियों को सराहा। उन्होंने वर्ष 1962, 1965, 1971, कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर के तहत लड़ने वाले वीरों और प्राण न्योछावर करने वाले सेना नायकों के परिजनों को सम्मानित किया।
सीएम ने कहा कि हाल ही में जब वह तीर्थन घाटी के शरची गांव के दाैर पर थे तो वहां पूर्व सैनिक सूबेदार मेजर अनूप राम के घर ठहरे थे। मेजर अनूप राम ने सन 1971 के भारत-पाक युद्ध की यादें साझा करते हुए बताया कि इंदिरा गांधी ने अपने साहसिक नेतृत्व से सेना में जोश भरा था। उसी के परिणामस्वरूप युद्ध का ऐतिहासिक परिणाम हमारे सामने आया था। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के सैनिकों का पराक्रम अतुलनीय है। हमारे सैनिकों ने कभी देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में संकोच नहीं किया। हिमाचल के लोग और सरकार हमेशा भारतीय सशस्त्र बलों के साथ हैं। हमारे वीर सैनिकों ने आतंकवादियों को कड़ा सबक सिखाया। हालांकि, केंद्र सरकार ने तीनों बलों को विश्वास में लिए बिना युद्ध विराम की घोषणा कर दी। यह घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्णायक नेतृत्व के विपरीत है, जिन्होंने कभी भी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं होने दिया। पहलगाम हमले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्र सरकार को बिना शर्त समर्थन देने के लिए सबसे पहले आगे आए थे।