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अनाथ बच्चों की आदतों को समझे परिषद : बीके अग्रवाल

Wed, 03 Oct 2018 07:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि अनाथ बच्चों की देखभाल करने से पहले उनकी आदतों को समझने की जरूरत है, तभी जाकर इन बच्चों का भरण पोषण किया जा सकेगा।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे बच्चों के लिए कुछ करना चाहती है, ताकि यह बच्चों एक दिन ऊंचाइयों पर पहुंचकर गर्व महसूस करें। दरअसल, बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष किरण धांटा मुख्य सचिव बीके अग्रवाल से मुलाकात करने पहुंची थीं।

इसी बीच, अग्रवाल ने उनसे अनाथ बच्चों के बारे में सवाल जवाब करने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद को धरातल पर काम करने की आवश्यकता है। स्कूलों में इन बच्चों की पढ़ाई लिखाई ठीक है, लेकिन आश्रम में इनकी देखभाल किस तरह से हो रही है इसका ध्यान रखना भी आवश्यक है।
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उन्होंने अध्यक्ष से हिमाचल में अनाथ आश्रम का भी ब्योरा मांगा। कहा कि अनाथ बच्चों के अलावा शहरों में मनोरोगी इधर-उधर भटकते रहते हैं। इनकी देखभाल कर इलाज कराना भी आवश्यक है। 

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कई दिनों तक क्यों लटकी रहती हैं फाइलें : सीएस 

 राज्य सचिवालय में कई दिनों तक  फाइलें क्यों अटकी रहती हैं? यह सवाल प्रदेश के नवनियुक्त मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के  नेताओं से पूछा।

बुधवार दोपहर बाद 12:30 बजे हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संघ, राज्य लोकसेवा आयोग इस्टेट ऑफिस के कर्मचारी मुख्य सचिव अग्रवाल से मिलने पहुंचे थे। सीएस के सवाल का जवाब देते हुए संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि यह बात सही है कि फाइलें कई दिनों तक अटकी रहती हैं।

इसका प्रमुख कारण यह है कि सचिवालय की अधिकांश शाखाओं में वरिष्ठ सहायकों के कुल 303 पद खाली हैं। संजीव के अनुसार मुख्य सचिव ने संघ के नेताओं को भरोसा दिलाया है कि संघ के नेताओं के साथ शीघ्र ही बैठक की जाएगी। बैठक में कर्मचारियों के  लंबित मसलों को सुलझाया जाएगा। 
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