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हिमाचल सीबीएसई स्कूलों का ड्रेस कोड: बालवाटिका से 12वीं कक्षा तक बदलेगा विद्यार्थियों का लुक, निर्देश जारी

Fri, 25 Sep 2026 07:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 बालवाटिका से 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों का लुक बदलेगा। महंगी और अनावश्यक वस्तुओं पर विभाग ने रोक लगा दी है। कक्षा छठी से बारहवीं तक छात्राओं के लिए स्कर्ट निर्धारित नहीं होगी। 
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सरकारी सीबीएसई स्कूलों के लिए ड्रेस कोड तय। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अलग पहचान के लिए नई यूनिफॉर्म व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू होगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी उपनिदेशकों और स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत बालवाटिका से 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों का लुक बदलेगा। महंगी और अनावश्यक वस्तुओं पर विभाग ने रोक लगा दी है। कक्षा छठी से बारहवीं तक छात्राओं के लिए स्कर्ट निर्धारित नहीं होगी। खेल गतिविधियों के लिए अलग यूनिफॉर्म तय की गई है। वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए औपचारिक लुक निर्धारित की है। आयु और कक्षा के अनुसार तैयार की गई यूनिफॉर्म में छोटे बच्चों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है।

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यूनिफॉर्म को चार श्रेणियों में बांटा
शिक्षा विभाग के अनुसार नई यूनिफॉर्म का उद्देश्य केवल छात्रों की वेशभूषा बदलना नहीं है, बल्कि स्कूलों में अनुशासन, समानता, समावेशिता, संस्थागत पहचान और अपनत्व की भावना को मजबूत करना है। नई ड्रेस कोड नीति के तहत राज्य के सभी सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में एक समान रंग संयोजन अपनाया जाएगा। यूनिफॉर्म के लिए लाइट ग्रीन, फॉरेस्ट ग्रीन, चारकोल ग्रे, सफेद और काले रंग को आधार बनाया गया है। विद्यार्थियों की आयु और शैक्षणिक स्तर को देखते हुए यूनिफॉर्म को चार श्रेणियों बालवाटिका (प्री-प्राइमरी), कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक), कक्षा 6 से 12 (मिडिल एवं सीनियर) और स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म में विभाजित किया गया है। प्रदेश की भौगोलिक और जलवायु विविधता को ध्यान में रखते हुए गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। बालवाटिका और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म को विशेष रूप से आरामदायक, सुरक्षित और गतिविधियों के अनुकूल बनाया गया है।

कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों के लिए ऐसी होगी यूनिफॉर्म
कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों के लिए अपेक्षाकृत अधिक औपचारिक और परिपक्व स्वरूप वाली यूनिफॉर्म निर्धारित की गई है। लड़कों के लिए लाइट ग्रीन शर्ट, चारकोल ग्रे ट्राउजर और फॉरेस्ट ग्रीन टाई, जबकि छात्राओं के लिए लाइट ग्रीन कमीज के साथ फॉरेस्ट ग्रीन सलवार-दुपट्टा अथवा ग्रे ट्राउजर का विकल्प रखा गया है। सर्दियों में निर्धारित ब्लेजर और स्वेटर पहनना होगा। खेल गतिविधियों, शारीरिक शिक्षा कक्षाओं और प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों को अलग स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म पहननी होगी। इसमें सफेद एवं हरे रंग की स्पोर्ट्स टी-शर्ट, फॉरेस्ट ग्रीन ट्रैकसूट और उपयुक्त स्पोर्ट्स शूज शामिल होंगे। यूनिफॉर्म को सरल, किफायती और आसानी से उपलब्ध रखा जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अतिरिक्त सजावटी वस्तुएं, महंगे बैज, कढ़ाई या अन्य गैर-जरूरी सामग्री अनिवार्य न करें।

निगरानी की जिम्मेदारी जिला अधिकारियों पर
किसी भी स्कूल को निर्धारित रंग योजना या मूल डिजाइन में अपने स्तर पर बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी। हिमाचल के ऊंचाई वाले और अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि ऐसे कपड़ों को भी निर्धारित रंग योजना और दिशा-निर्देशों के अनुरूप रखना होगा ताकि स्कूल की एकरूप पहचान बनी रहे। नई यूनिफॉर्म नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित उपनिदेशक (क्वालिटी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूल निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड के पालन की जांच की जाएगी। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते अभिभावकों और विद्यार्थियों को नई यूनिफॉर्म की जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
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छह सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल नियुक्ति को आज होगी काउंसलिंग
प्रदेश के छह सीबीएसई स्कूलों चंबा के चुवाड़ी, किन्नौर के भावानगर, निचार, कुल्लू के सराहन और सिरमौर के कफोटा व नौहराधार स्कूलों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति के लिए शनिवार को स्कूल शिक्षा निदेशालय शिमला में काउंसलिंग होगी। बीते दिनों हुई काउंसलिंग के दौरान इन छह स्कूलों के लिए किसी भी चयनित प्रिंसिपल ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। ऐसे में अब दोबारा से निदेशालय ने काउंसलिंग करने का फैसला लिया है। 
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