हिमाचल सरकार अब नौकरियों में सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति नहीं देगी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल में विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के समय में चहेतों को बार-बार लाभ देने का रिवाज था, लेकिन हमने इस पर रोक लगा दी है। भविष्य में सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति के लिए विशेष परिस्थितियों में एक या दो मामलों से ज्यादा पर विचार नहीं होगा।
उधर, दृष्टि पत्र में मना करने के बावजूद सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति देने पर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान जारी दृष्टि पत्र में भाजपा ने सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति नहीं देने की बात कही थी। सत्ता में आते ही दृष्टि पत्र को भुला दिया।
इंस्पेक्टर और पियून को भी सरकार जनहित का मामला बताकर लाभ दे रही है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आप करो तो रामलीला और हम करें तो रासलीला। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में 2398 को सेवा विस्तार दिया। भाजपा ने दो साल में सिर्फ 19 लोगों को सेवा विस्तार दिया।
कांग्रेस ने 1219 लोगों को पुनर्नियुक्ति दी, जबकि हमारी सरकार ने 231 को यह लाभ दिया। इन 231 में सबसे अधिक पटवारी हैं। भर्ती प्रक्रिया में अधिक समय लगने से काम प्रभावित न हो, इसके लिए यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही पटवारी भर्ती की जांच प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार पुनर्नियुक्ति पर नियुक्त लोगों को हटा देगी।