मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राजधानी शिमला के बाद कांगड़ा उनकी प्राथमिकता में है। कांगड़ा राजनीतिक भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने आशीष बुटेल के कांगड़ा से भेदभाव के लगाए आरोप पर सदन में यह बात कही। वहीं, प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर सदन को गरमाए रखा। सत्तापक्ष के सदस्यों ने पूर्व सरकार को निशाने पर रखकर जयराम सरकार की उपलब्धियों को गिनाया।
विधायक आशीष बुटेल ने आरोप लगाया कि सरकार कांगड़ा से भेदभाव कर रही है। क्या धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा जारी है? इन्वेस्टर मीट पर 1900 कमरों में कौन-कौन ठहराए, इस पर श्वेतपत्र जारी करे। राज्यपाल इसी साल 7 जनवरी को पहली बार विधानसभा में आए थे और उसी समय ही यह अभिभाषण देना चाहिए। अब संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए अभिभाषण दिया है। राम मंदिर के निर्माण का रास्ता कोर्ट से खुला है और इससे भाजपा की दुकान बंद हो गई है।
सचिवालय में गैर हिमाचली को नौकरी दी और यहां के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने पुलिस और पटवारी भर्ती में गड़बड़ी का मामला भी उठाया। स्कूली वर्दी की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और स्कूल बैग फटने का मामला भी उठाया। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाप तब मिलने लगे।
विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में इतना कर्जा कर दिया कि अब बिना कर्ज के कोई सरकार नहीं चल सकती। विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि हिमाचल में पहली बार राम राज्य की व्यवस्था जनमंच के माध्यम से लाई है
। इसका लाभ आज कांग्रेस के लोग भी उठा रहे हैं। विधायक अरु ण कुमार ने कहा कि भाजपा में आम आदमी विधायक के पद तक पहुंच जाता है, लेकिन कांग्रेस में वर्षों तक दरियां ही उठानी पड़ जाती हैं। कांग्रेस विधायक नंदलाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की दूरदर्शी सोच से ही हिमाचल आज शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ा है।