आर्थिक कमजोरी को पछाड़ते हुए हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला की एक होनहार बेटी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जौड़े अंब की शगुन पुत्री अमरजीत सिंह ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश भर में नौवां स्थान हासिल किया है। वह पढ़ाई पूरी करने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं। पिता की मौत के बाद माता रीता देवी मैहरे कस्बे में कपड़ों की एक दुकान पर काम करती हैं। दुकान से प्रतिमाह जो पैसे मिलते हैं, उससे घर का चूल्हा-चौका और बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठा रही हैं। पिता अमरजीत सिंह का 3 मार्च 2017 को मैहरे के नजदीक शांति नगर में ट्रैक्टर की ट्रॉली पुली से पलटने के कारण देहांत हो चुका है।
पिता किसानी का काम करते थे। शगुन की एक छोटी बहन है, जो अभी छठी कक्षा में पढ़ती है। शगुन का कहना है कि अभी उसका पूरा ध्यान पढ़ाई पर है और वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं, जिसके लिये वो मेहनत कर रही है। रीता देवी ने कहा कि वह अपने बच्चों को मुकाम तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। वहीं, उसके बच्चे भी आर्थिकी मंदी के बावजूद अपने घर के काम के अलावा पढ़ाई-लिखाई पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। रीता ने कहा कि बेटी की इस उपलब्धि पर उसे गर्व है। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी की लहर है और घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से शैक्षणिक सत्र 2021-22 का घोषित किया गया परीक्षा परिणाम वर्ष 2019-20 के मुकाबले 19.39 प्रतिशत अधिक रहा है। जबकि वर्ष 2020-21 में सरकार के निर्देशों पर सभी विद्यार्थियों को पास घोषित किया गया था। परीक्षा परिणाम पिछले पांच साल में सबसे बेहतर रहा है। इससे पहले स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित किए गए परीक्षा परिणाम 68 फीसदी तक ही रहे थे। जबकि यह पहला मौका है जब 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 फीसदी रहा है।