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लोकतंत्र के मंदिर में शब्दों की शालीनता भूल गए माननीय, चिंतित दिखी दर्शकदीर्घा में बैठी जनता

Wed, 11 Dec 2019 11:09 AM IST
Krishan Singh सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
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लोकतंत्र के मंदिर में लगातार दूसरे दिन सदन के माननीय शब्दों की मर्यादा को भूलते दिखे। इन्वेस्टर्स मीट के मुद्दे पर दोनों ओर से हुई नारेबाजी में अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

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राजनीतिक आरोप व्यक्तिगत आरोपों में बदलते दिखे। मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इन्वेस्टर मीट के मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक इस कद्र बढ़ गई कि सदस्य शब्दों की मर्यादा भूल गए।

सदन के भीतर विपक्ष विधानसभा अध्यक्ष पर भी सियासी लांछन लगाने से नहीं चूका। लोकतंत्र का मंदिर सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। हालांकि, अध्यक्ष ने अमर्यादित शब्दों को विधानसभा की कार्यवाही से निरस्त करवा दिया। लेकिन, सदन की दर्शकदीर्घा में बैठी जनता जनप्रतिनिधियों के अमर्यादित व्यवहार और भाषा पर बेहद चिंतित दिखी। वहीं, विधानसभा परिसर में भाजपा के कई बड़े पदाधिकारियों की उपस्थिति आकर्षण का केंद्र बनी रही।

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अंदर गुस्सा, बाहर जादू की झप्पी

- फोटो : अमर उजाला
सदन के भीतर शब्दों की मर्यादा लांघने वाले माननीय लंच पर एक-दूसरे को जादू की झप्पी डालते भी दिखे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने हाल में लंच एक साथ किया। मुकेश और राकेश पठानिया ने लंच पर एक-दूसरे को जादू की झप्पी दी। विस अध्यक्ष राजीव बिंदल ने भी हाल में ही सभी के साथ लंच किया। 

हर जुबां पर रही अनिल और पठानिया के मंत्री बनने की चर्चा 
विधानसभा परिसर तपोवन में मंगलवार को सदन के भीतर विपक्ष ने राकेश पठानिया को मंत्री बनाने का तंज कसा। परिसर के भीतर भी पठानिया से मिलने वाले लोग उन्हें जल्द मंत्री बनने की शुभकामनाएं दे रहे थे। इसके अलावा अनिल शर्मा को भाजपा सरकार में दोबारा मंत्री बनाने की अफवाहें भी परिसर में हर जुबां पर थीं।

विपक्ष एकजुट, सत्तापक्ष दिखा आक्रामक
दूसरे दिन सियासी हंगामे के दौरान विपक्ष पूरी तरह एकजुट दिखा। नारेबाजी के दौरान आशा कुमारी, सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने मुकेश अग्निहोत्री के सुर में सुर मिलाया। दूसरी ओर विपक्ष के हंगामे का जवाब देने के लिए सत्तापक्ष से राकेश पठानिया ने मोर्चा संभाला। पठानिया के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आक्रामक रवैया अपनाकर विपक्ष पर तीखे वार किए।
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