जलजीवन मिशन के कार्य तय समय में करेंगे पूरा : मुकेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जलजीवन मिशन अब पूरा होने की ओर बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कार्य अधूरे पड़े हैं, उन्हें तय समय में पूरा किया जाएगा। पूर्व सरकार ने चुनाव जीतने के लिए इस मिशन का गलत प्रयोग किया। इसके बावजूद वह जीत नहीं सके। कांग्रेस सरकार खामियों को दूर कर रही है। नाहन से विधायक अजय सोलंकी ने प्रश्नकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन की योजनाओं का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। पूर्व सरकार ने योजनाओं के आवंटन में बंदरबांट की। टेंडरों का कोई पता तक नहीं है। इससे कई जगहों में पानी का संकट गहरा गया है।
जैविक खेती की ओर बढ़ रहा हिमाचल प्रदेश: चंद्र
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा है कि प्रदेश अब जैविक खेती की ओर बढ़ रहा है। जाइका और आत्मा प्रोजेक्ट से महत्वपूर्ण परिवर्तन लाए जा रहे हैं। 40-50 पंचायतों के क्लस्टर बनाए गए हैं। इस मॉडल को ब्लॉक स्तर तक भी लेकर जाएंगे। मिट्टी की जांच को लेकर विशेष योजना बनाई गई है। विधायक चैतन्य शर्मा के सवाल पर कृषि मंत्री ने यह जानकारी दी।
केंद्र के फरमान रोक रहे मनरेगा के काम : चंद्रशेखर
कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि जून, जुलाई और अगस्त के महीने प्रदेश के लिए इस बार दुखदायी रहे। आपदा से निपटने की तैयारी उस एवज में नहीं हो रही है। मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार के फरमान काम रोक रहे हैंं। जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि धर्मपुर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मानसून सीजन के दौरान भारी नुकसान हुआ है। धीमी गति से चल रहे कार्यों को स्वयं देखेंगे।
158 प्राथमिक स्कूलों में एक भी जेबीटी शिक्षक नहीं
प्रदेश के 158 प्राथमिक स्कूलों में एक भी जेबीटी शिक्षक कार्यरत नहीं है। भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात का आकलन कर हर स्कूल में सुचारु शिक्षण प्रबंध करने के लिए सरकार प्रयासरत है। जिला बिलासपुर-हमीरपुर में 6-6, चंबा में 31, कांगड़ा में 16, कुल्लू में 15, मंडी में 41, शिमला में 27, सिरमौर में 13 और सोलन में तीन स्कूलों में एक भी जेबीटी शिक्षक नियुक्त नहीं है।
सरकारी डाॅक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस लाइसेंस देने की मंशा नहीं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि सरकारी डाॅक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस का लाइसेंस देने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। भाजपा विधायक जनकराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गैर प्रैक्टिसिंग भत्ते को मेडिकल डाॅक्टर, दंत चिकित्सा, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों और पशु चिकित्सकों के लिए भविष्य में होने वाली सभी संभावित नियुक्तियों के लिए अस्वीकार्य किया गया है। इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष करीब नौ करोड़ रुपये की अनुमानित वित्तीय बचत हो रही है।