एसटीएफ कर्मियों ने होटल में बरामद किया था नशा, आज तक नहीं मिली खेप
शिमला में बरामद एक करोड़ के एलएसडी नशे से जुड़ा है मामला, मुख्य सप्लायर समेत कई आरोप हैं जेल में
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। करोड़ों रुपये के एलएसडी नशे के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने पर भुंतर के एक होटल मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र एवं साक्ष्य मिटाने के आरोप में यह कार्रवाई की है।
आरोपी की पहचान संजीव कुमार निवासी गांव बुशोणा, भुंतर (कुल्लू) के रूप में हुई है। अभी तक तफ्तीश में सामने आया है कि मामले में गिरफ्तार चारों पूर्व पुलिस एसटीएफ कर्मियों ने कुल्लू के सी रॉक होटल में आरोपी नविएल हैरिसन से एलएसडी नशा बरामद किया था लेकिन आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की बजाय उसे छोड़ दिया। इस घटनाक्रम से संबंधित तथ्यों की पुष्टि के लिए जब होटल से जब्त हार्ड डिस्क और डीवीआर पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी तो सीसीटीवी फुटेज डिलीट यानि नष्ट पाई गई। पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपियों के साथ मिलकर होटल मालिक ने साक्ष्य नष्ट करने का काम किया है।
पुलिस ने मामले में एसटीएफ के पूर्व कर्मियों की ओर से नशा पकड़ने के समय इस्तेमाल की गई दो गाड़ियों को भी कब्जे में ले लिया है। अब पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि आखिरकार नविएल से पकड़ा करोड़ों का एलएसडी नशा कहां गया और किसे बेचा या गया नष्ट किया गया है। अभी तक पुलिस मामले में संदीप शर्मा, प्रिया शर्मा, एसटीएम के चार पुलिस कर्मियों और नविएल हैरिसन को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह है मामला
10 मार्च को संदीप शर्मा निवासी मोगा, पंजाब और प्रिया शर्मा निवासी सिरमौर के कब्जे से पुलिस ने न्यू शिमला में एक करोड़ के एलएसडी नशे की 562 स्ट्रिप बरामद की थी। बाद में पुलिस ने मामले में नशे के सप्लायर नविएल हैरिसन निवासी कालीकट, केरल को 13 मार्च को गुरुग्राम हरियाणा से गिरफ्तार किया। संदीप शर्मा ने पुलिस को बताया कि नविएल को इससे पहले कुल्लू में एसटीएफ के चार पुलिस कर्मियों ने होटल में एलएसडी नशे के साथ पकड़ा था, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई के बजाय उसे छोड़ दिया था। उसके बाद पुलिस ने एसटीएफ कर्मियों को गिरफ्तार किया जिसके बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
कोट
एलएसडी तस्करी के मामले में साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में पुलिस ने होटल मालिक को गिरफ्तार किया है। मामले में गहनता से जांच की जा रही है।
- गौरव सिंह, एसएसपी शिमला