अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। घोड़ा चौकी के एक निजी होटल कर्मी विकास की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। कर्मचारी रात को अपने कमरे में सोया था। सुबह साथियों ने उसे आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक विकास गांव शील डाकखाना एवं तहसील कुंडला जिला कांगड़ा का रहने वाला था। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने इस संबंध में छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को राजकुमार निवासी गांव अपर बलौट डाकखाना फतेहपुर तहसील सरकाघाट जिला मंडी ने बताया कि वह होटल में रेस्तरां मैनेजर के रूप में काम करता है। विकास होटल में वेटर के रूप में काम करता था। 11 जनवरी को विकास की ड्यूटी दोपहर 2:00 से रात 11:00 बजे तक थी। ड्यूटी खत्म करने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। यहां अन्य कर्मचारी अंकुश और विजय भी रहते हैं।
उन्होंने पुलिस पूछताछ में बताया कि विकास रात 12.00 बजे के आसपास अपने कमरे में पहुंचा था, उस समय इसके साथी सो चुके थे। सुबह 6.00 बजे होटल कर्मी विजय शौचालय से वापस आया तो उसने देखा की विकास अपनी चारपाई पर बैठा हुआ था और खाना थाली में वैसे ही पड़ा था। वहीं विकास का मुंह थाली के ऊपर पड़ा हुआ था और शरीर अकड़ा हुआ था। इसको देखते हुए होटल के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने इसकी सूचना रेस्तरां मैनेजर राज कुमार को दी। इसके बाद विकास को आईजीएमसी ृले जाया गया लेकिन यहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बिसरा सैंपल को जांच के लिए सीएफएसएल भेजा गया है। यहां से रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।