शुल्क जमा नहीं करने पर आवंटन खुद हो जाएगी रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रावास प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विश्वविद्यालय ने पहली, तीसरी और पांचवीं सेमेस्टर के साथ पीएचडी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन 3 अगस्त तक विश्वविद्यालय के छात्र पोर्टल पर किए जा सकेंगे। विश्वविद्यालय ने छात्रावासों की आवंटन सूची भी जारी कर दी है। मुख्य वार्डन कार्यालय की अधिसूचना के अनुसार एमए, एमएससी, एमकॉम, एमबीए, एमसीए, बीएड, एमएड, एमटेक, एमटीए, एलएलबी, एमलिब, बीलिब और एमए (डिफेंस एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज) सहित अन्य पाठ्यक्रमों के पात्र विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। छात्रावासों का आवंटन विभागों की तैयार मेरिट, उपलब्ध सीटों और रिक्तियों के अनुपात के आधार पर होगा।
अधिसूचना के अनुसार केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत बने छात्रावासों की सीटें संबंधित श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत भी 8 सीटें आरक्षित रखी हैं, जिनमें चार लड़कों और चार लड़कियों के लिए हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिस विद्यार्थी के खिलाफ विश्वविद्यालय की ओर से एफआईआर दर्ज है, उसे छात्रावास नहीं दिया जाएगा। छात्रावास आवंटित होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर प्रवेश शुल्क और मेस सुरक्षा राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। तय समय में शुल्क जमा नहीं करने पर आवंटन खुद ही रद्द हो जाएगा और सीट मेरिट के अगले पात्र विद्यार्थी को दे दी जाएगी।
विश्वविद्यालय ने सभी विभागाध्यक्षों और निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वह ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कर 4 अगस्त तक मुख्य वार्डन कार्यालय भेजें। साथ ही मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का भी इसी अवधि में सत्यापन करना होगा। विद्यार्थियों को आवेदन से पहले शैक्षणिक सत्र 2026-27 की ई-होस्टल बुकलेट में दिए पात्रता नियमों का अध्ययन करने की सलाह दी गई है।