उद्यान निदेशालय ने नौणी विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर ट्रेनिंग का प्रारूप मांगा है।
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हिमाचल सरकार 16 हजार बागवानों को ट्रेनिंग देगी। हर पंचायत से पांच-पांच बागवानों को ट्रेनिंग के लिए चुना जाएगा। उद्यान निदेशालय ने नौणी विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर ट्रेनिंग का प्रारूप मांगा है। यह कदम सीएम वीरभद्र सिंह की बजट घोषणा को लागू करने के लिए उठाया गया है।
बागवानी निदेशालय ने तय किया है कि हर पंचायत से पांच-पांच बागवानों का चयन कर उन्हें आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाए। वर्तमान में कुल पंचायतों की संख्या 3226 है और ऐसे में 16,130 बागवानों को प्रशिक्षण मिलेगा। ऐसा इसलिए किया गया है
कि पूर्व में कई बार विभाग पर सवाल उठते रहे हैं कि तमाम क्षेत्रों के बागवानों को प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। बागवानी विभाग के निदेशक डॉ. डीपी भंगालिया ने कहा कि आगे से प्रदेश की हर पंचायत से पांच-पांच बागवानों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की जाएगी।
बजट के लिए सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव
डॉ. डीपी भंगालिया ने कहा कि इस बार सरकार ने बागवानी विभाग की कई योजनाओं और कार्यों के लिए बजट की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खियों से परागण प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए जहां एकीकृत बागवानी मिशन के तहत भारत सरकार से 40 फीसदी सहयोग मिलता था, वहीं हिमाचल सरकार इसमें 40 फीसदी अतिरिक्त उपदान दे रही है।
ऐसे में बागवानों को 80 फीसदी उपदान मिलेगा। बागवानी विकास के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इसमें पावर टिल्लर, पॉपर स्प्रेयर आदि कई मदों में उपदान दिया जा रहा है। 12 करोड़ रुपये का प्रावधान आयातित पौधों और रूट
स्टॉक आधारित पौधों के लिए किया गया है। जीर्णोद्धार योजना में 500 हेक्टेयर क्षेत्र को लाया जाएगा। एंटी हेलनेट और पॉलीहाउस जैसी योजनाओं के लिए भी कई बजट प्रावधान किए गए हैं। सरकार को बजट आश्वासनों के तहत बजट जारी करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा जा रहा है।