मौसम अनुकूल न रहने से फसल हो सकती है प्रभावित, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में इस बार पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने से स्टोन फ्रूट के पौधों में समय से पहले ही फ्लावरिंग शुरू हो गई है, जो बागवानों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
जलवायु परिवर्तन की वजह से जिले की लोअर और मिडल बेल्ट में प्लम सहित और अन्य गुठलीदार फलों में दो हफ्ते पहल ही फूल आने शुरू हो गए हैं। लगातार दूसरे साल इस तरह की स्थिति बनने से बागवान परेशान हैं। आने वाले समय में मौसम अनुकूल न रहा तो फसल प्रभावित हो सकती है। कुमारसैन के बागवान कमलेंद्र परिहार ने बताया कि बगीचों में प्लम और बादाम के पौधों में फूल आने शुरू हो गए हैं। आने वाले समय में यदि तापमान में गिरावट आती है तो इससे फूल खराब होने की संभावना बढ़ सकती है। यदि तापमान अनुकूल रहता है तो फसल प्रभावित नहीं होगी।
रोहड़ू के बागवान रवि चंदेल ने बताया कि इस वर्ष जरूरत के अनुसार बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है। दो-तीन दिनों में हुई बारिश और बर्फबारी तीन महीने के सूखे के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे बगीचों में जरूरत के अनुसार नमी नहीं बन पा रही है। कहा कि पहले ही सूखे से बागवान चिंतित थे, वहीं अब स्टोन फ्रूट में अर्ली फ्लावरिंग ने परेशानी और बढ़ा दी है।
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कोट
पौधों में नियमित रूप से डालें पानी
कृषि विज्ञान केंद्र शिमला की प्रभारी उषा शर्मा ने कहा कि जिले के कुछ क्षेत्रों में स्टोन फ्रूट में अर्ली फ्लावरिंग शुरू हो गई है। आम तौर पर फ्लावरिंग मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होती है। ऐसे स्थिति में मिट्टी को सूखने न दें। पौधों में नियमित रूप से पानी डालते रहें ताकि फसल प्रभावित न हो। वहीं पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए नियमित रूप से जांच करवाते रहें।