अब प्रदेश के हर प्रसव केंद्र पर एचआईवी टेस्ट होंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रसव केंद्रों के स्टाफ को टेस्ट करवाने का प्रशिक्षण दिया है। इन केंद्रों पर एचआईवी जांच की सुविधा शुरू होने से सबसे ज्यादा लाभ गर्भवती महिलाओं को होगा। क्योंकि विभाग हर गर्भवती महिला व उसके पति का एचआईवी टेस्ट करवाता है।
अभी तक सिर्फ आईसीटीसी केंद्रों पर ही एचआईवी और एड्स रोग के टेस्ट करवाने का प्रावधान रहता था। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के हर डिलीवरी प्वाइंट पर एचआईवी टेस्ट करवाने की सुविधा शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए डिलीवरी प्वाइंट पर तैनात स्टाफ को बाकायदा प्रशिक्षित किए गया है।
इसमें बताया गया है कि किस प्रकार एचआईवी का टेस्ट किया जाता है। डिलीवरी केंद्रों पर अगर किसी व्यक्ति का टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है अर्थात उसमें एचआईवी निकलता है तो उसके बाद सैंपल को क्रॉस चेक किए जाएगा। इसकी जांच आईसीटीसी केंद्र पर होगी।वर्तमान में प्रदेश में 87 प्रसव केंद्र हैं।
इनमें कमला नेहरू अस्पताल शिमला, मेडिकल कॉलेज टांडा के अलावा सभी जोनल अस्पताल, क्षेत्रीय अस्पताल, नागरिक अस्पताल और कुछ सीएचसी और पीएचसी शामिल हैं, जहां प्रसव करवाने की सुविधा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. देशराज शर्मा ने कहा कि सभी प्रसव केंद्रों के स्टाफ को एचआईवी टेस्ट करवाने का प्रशिक्षण दिया गया है। अब सभी केंद्रों पर एचआईवी की जांच करवाने की सुविधा होगी।